
जमशेदपुर : सरायकेला-खरसावां जिला अंतर्गत चांडिल के बामनी नदी किनारे स्थित एकमात्र मुक्तिधाम की हालत इन दिनों अत्यंत दयनीय हो चुकी है। बीते एक माह से हो रही लगातार भारी बारिश के कारण डेम रोड से मुक्तिधाम तक जाने वाली पीसीसी सड़क अब ढहने के कगार पर पहुंच चुकी है।
दरअसल, हाल ही में बामनी नदी के जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि होने से तेज बहाव ने सड़क के नीचे की मिट्टी बहा दी, जिससे वह क्षेत्र पूरी तरह खोखला हो गया है। इससे स्थानीय लोगों में सड़क के ध्वस्त होने का खतरा बना हुआ है। गौरतलब है कि चांडिल जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्र में मात्र एक ही मुक्तिधाम है, जिसका रख-रखाव श्री श्याम सेवा समिति द्वारा किया जाता है। बीते वर्ष जब मुक्तिधाम का शेड जर्जर हो गया था, तब समिति द्वारा उसकी मरम्मत और रंग-रोगन कराया गया था। बावजूद इसके, आज भी ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र की इस “हृदयस्थली” में मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी दिखाई देती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मुक्तिधाम को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाए रखने के प्रति न तो सरकारी अधिकारी और न ही जनप्रतिनिधि कोई रुचि दिखाते हैं। हाल ही में हुई मूसलधार बारिश के कारण पूरा मुक्तिधाम जलमग्न हो गया था। पानी के दबाव में समिति द्वारा बिछवाए गए पेवर ब्लॉक भी उखड़कर बह गए हैं। वहीं शव दाह के लिए बनाए गए शेड की नींव की मिट्टी भी पानी के बहाव से बह चुकी है, जिससे वह संरचना अब गिरने के कगार पर है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि वे इस ओर त्वरित ध्यान दें, ताकि मुक्तिधाम को और अधिक व्यवस्थित और सुरक्षित रूप में विकसित किया जा सके।

