
मुंबई: सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार हरे निशान में खुला और तेज उछाल के साथ कारोबार करता दिखा. बाजार में यह बढ़त भारत के विश्व मंच पर आर्थिक रैंकिंग में सुधार के साथ जुड़ी हुई है. भारत ने जापान को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का दर्जा हासिल किया है.
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी की स्थिति
सुबह 9:32 बजे के आसपास
सेंसेक्स 640.3 अंक यानी 0.78% की बढ़त के साथ 82,361.46 पर था.
निफ्टी 187.39 अंक या 0.75% चढ़कर 25,040.45 पर कारोबार कर रहा था.
अन्य सूचकांकों की स्थिति भी सकारात्मक रही.
निफ्टी बैंक 408.25 अंक ऊपर यानी 0.74% बढ़कर 55,806.50 पर.
निफ्टी मिडकैप 100 426.60 अंक की छलांग के साथ 57,114.35 पर.
निफ्टी स्मॉलकैप 100 145.90 अंक बढ़कर 17,789.25 पर पहुंचा.
अर्थव्यवस्था और बजट को लेकर उम्मीदें
विश्लेषकों का मानना है कि भारत की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की खबर बाजार को निकट भविष्य में बल प्रदान करेगी. साथ ही, आरबीआई द्वारा सरकार को बजट अनुमान से अधिक लाभांश देने से राजकोषीय घाटा लक्ष्य 4.4% पर बनाए रखने में मदद मिलेगी.
कम महंगाई और घटती ब्याज दर का असर
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य रणनीतिकार वी.के. विजयकुमार के अनुसार, कम होती महंगाई और ब्याज दरों में संभावित गिरावट से शेयर बाजार को समर्थन मिल रहा है. हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि एफआईआई प्रवाह में हालिया अनिश्चितता उच्च स्तरों पर मुनाफावसूली का संकेत हो सकती है.
टॉप गेनर्स और लूजर्स
सेंसेक्स के प्रमुख बढ़त वाले शेयर: एमएंडएम, पावरग्रिड, एनटीपीसी, टाटा मोटर्स, आईसीआईसीआई बैंक, एसबीआई, टेक महिंद्रा, एलएंडटी, एशियन पेंट्स और एक्सिस बैंक. वहीं, इटरनल एकमात्र टॉप लूजर रहा.
वैश्विक बाजारों की स्थिति
हरे निशान में: बैंकॉक, सोल और जापान.
लाल निशान में: चीन, हांगकांग और जकार्ता.
अमेरिकी बाजारों की गिरावट
डॉव जोन्स 256.02 अंक गिरकर 41,603.07 पर बंद हुआ.
एसएंडपी 500 इंडेक्स 39.19 अंक टूटकर 5,802.82 पर बंद.
नैस्डैक में 188.53 अंकों की गिरावट रही, जो 18,737.21 पर बंद हुआ.
निवेश प्रवाह और आगामी संकेतक
23 मई को एफआईआई ने 1,794.59 करोड़ रुपए की इक्विटी खरीदी जबकि डीआईआई द्वारा 299.78 करोड़ की खरीद हुई. विशेषज्ञों के अनुसार, इस सप्ताह भारत के जीडीपी आंकड़े, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मीटिंग मिनट्स और अमेरिकी मुद्रास्फीति के आँकड़े बाजार की दिशा तय कर सकते हैं. एचडीएफसी सिक्योरिटीज के रिसर्च प्रमुख देवर्ष वकील ने कहा कि भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं, आय सीजन, संस्थागत पूंजी प्रवाह और डेरिवेटिव एक्सपायरी इस अवधि में बाजार को अस्थिर बनाए रख सकते हैं.
(IANS)

