उदित वाणी, जमशेदपुर : गरुड़बासा के दलखाम टोला में सोमवार को आए अचानक और तेज आंधी-तूफान (Thunderstorm and Rain) ने भारी तबाही मचा दी है. अचानक मौसम बदलने से आई तेज हवा और मूसलाधार बारिश के कारण क्षेत्र के लगभग 18 से 20 घर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं. तूफान का वेग इतना अधिक था कि कई ग्रामीण घरों की एस्बेस्टस की छतें हवा में उड़ गईं, जिससे घरों के भीतर रखा कीमती सामान और अनाज भी भीगकर बर्बाद हो गया.
इलाके में मची अफरा-तफरी, बाल-बाल बचीं जानें
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, दोपहर को आया यह प्राकृतिक आपदा (Natural Disaster) का रूप ले चुका तूफान इतना भीषण था कि कई घरों के एस्बेस्टस और छप्पर उड़कर काफी दूर जा गिरे. इसके चलते पूरे इलाके में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी और डर का माहौल बन गया. हालांकि, इस पूरे हादसे में सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि किसी भी प्रकार की जान-माल की हानि (जनहानि) नहीं हुई और सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं.
हूरलूग पंचायत की मुखिया लीला मुंडा ने पहुंचाया तिरपाल
इस प्राकृतिक तबाही की सूचना मिलते ही हूरलूग पंचायत (Hoorloog Panchayat) की मुखिया लीला मुंडा (Mukhiya Leela Munda) तुरंत ग्राउंड जीरो यानी मौके पर पहुंचीं. उन्होंने प्रभावित और पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना. मुखिया ने संवेदनशीलता और तत्परता दिखाते हुए बेघर हुए पीड़ित परिवारों को तत्काल रहने के लिए तिरपाल (Tarpaulin) उपलब्ध कराया, ताकि प्रभावित लोग अस्थायी रूप से अपने रहने और सामान को छुपाने की व्यवस्था कर सकें.
ग्रामीणों ने प्रशासन से की सरकारी सहायता की मांग
घरों के क्षतिग्रस्त होने के बाद दलखाम टोला के ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग से प्रभावित परिवारों के लिए उचित मुआवजे की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि सरकार जल्द से जल्द नुकसान का आकलन कर सरकारी सहायता (Government Compensation) उपलब्ध कराए, ताकि गरीब परिवार अपने टूटे हुए घरों की मरम्मत दोबारा करवा सकें और उनका जीवन फिर से पटरी पर लौट सके.


