उदित वाणी जमशेदपुर: शहर की एडीजे-2 अदालत ने चर्चित कुंदन ठाकुर हत्याकांड में दोषी करार दिए गए विशाल गोप को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने हत्या के अलावा साक्ष्य मिटाने और अप्राकृतिक यौनाचार के आरोपों में भी दोष सिद्ध होने पर अलग-अलग सजाएं सुनाईं। कोर्ट ने आरोपी पर कुल 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं देने की स्थिति में उसे अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अदालत ने 30 अप्रैल को विशाल गोप को हत्या, साक्ष्य छुपाने और अप्राकृतिक यौनाचार की धाराओं में दोषी ठहराया था। इसके बाद सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने हत्या के मामले में आजीवन कारावास और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी। वहीं साक्ष्य मिटाने के आरोप में तीन वर्ष कैद और पांच हजार रुपये जुर्माना, जबकि अप्राकृतिक यौनाचार के मामले में पांच वर्ष कारावास व पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया गया।
विशाल गोप फिलहाल हजारीबाग जेल में बंद है। सुरक्षा कारणों से उसे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया गया।
मामला वर्ष 2018 का है। 26 मार्च को कुंदन ठाकुर रामनवमी जुलूस देखने घर से निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। परिजनों की तलाश के दौरान जानकारी मिली कि उसे आखिरी बार विशाल गोप के साथ देखा गया था। अगले दिन पुलिस ने नाले से कुंदन का शव बरामद किया। जांच में सामने आया कि हत्या से पहले युवक को बेरहमी से प्रताड़ित किया गया था। उसके शरीर पर कई स्थानों पर सिगरेट से दागने के निशान पाए गए थे, जिससे मामले ने पूरे शहर को झकझोर दिया था।


