
उदित वाणी, जमशेदपुर : टाटा स्टील के कर्मचारियों के वेज रिवीजन समझौता को लेकर बुधवार से प्रबंधन और यूनियन के बीच वार्ता एकबार फिर शुरू हो सकती है. पिछले एक माह से कोलकाता में पत्नी का इलाज करा रहे टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी मंगलवार को शहर पहुंच गए हैं. इधर, गुरुवार 9 अप्रैल को प्रबंधन ने कलिंगानगर यूनियन को जमशेदपुर बुलाया है. इस संबंध में सूत्रों का कहना है कि टाटा स्टील जमशेदपुर यूनिट के साथ कलिंगनगर के कर्मचारियों के वेज रिवीजन समझौता को लेकर वार्ता होगी. सूत्रों ने बताया कि मई के प्रथम सप्ताह तक टाटा स्टील में वेज रिवीजन समझौता हो जाएगा. बताया जा रहा है कि समझौते की अवधि तय है. इस बार भी सात वर्षों की अवधि के लिए ही समझौता होगा, लेकिन एमजीबी, डीए प्रति प्वाइंट वैल्यू, नए ग्रेड के कर्मचारियों के लिए स्लैब में वृद्धि, एफडीए जैसे मुद्दे तय करना है. इधर, ओल्ड और न्यू सीरीज के कर्मचारियों ने एमजीबी को लेकर चर्चा शुरू कर दी है. कर्मचारियों को उम्मीद है कि 23 से 27 प्रतिशत तक एमजीबी मिलना चाहिए.
एमजीबी पर गुणा-भाग
कर्मचारियों के बीच वेतन वृद्धि को लेकर मंथन जारी है और एमजीबी को लेकर जोड़ घटाव करने लगे हैं. यूनियन के कमेटी मेंबरों के अनुसार कितना एमजीबी में वृद्धि होने पर 1 जनवरी 2018 के वेतन वृद्धि के स्तर को प्राप्त किया जा सकता है. उनलोगों के जनवरी 2018 में स्टील यानि ओल्ड ग्रेड एस-1 का न्यूनतम बेसिक 26255 रूपये निर्धारित किया गया था. सात वर्षों के लिए हुए समझौते के कारण 31 दिसंबर 2024 तक सात वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ मिला. इन सात वर्षों में वार्षिक वेतन वृद्धि 6035 रूपये हुई है. परंपरा के मुताबिक नए वेज रिवीजन समझौता में बेसिक में शत प्रतिशत वार्षिक वेतन वृद्धि को बेसिक में जोड़ने पर 31 दिसंबर 2024 को कुल राशि 32290 रूपये बनता है. यह जनवरी 2018 के वेतन के स्तर को बरकरार रखने के लिए 23 प्रतिशत की वृद्धि होता है. ओल्ड ग्रेड के लिए एमजीबी कम से कम 23 प्रतिशत होना चाहिए, जबकि न्यू सीरीज में एनएस-7 उनके 1 जनवरी 2018 के वेतन स्तर को बरकरार रखने के लिए सात इंक्रीमेंटल वैल्यू 27 प्रतिशत बनता है. इस आंकलन के आधार पर ओल्ड ग्रेड के कर्मचारी 23 प्रतिशत और एनएस ग्रेड के कर्मचारी न्यूनतम 27 प्रतिशत एमजीबी (मिनिमम गारंटी बेनिफिट) मिलने का अनुमान लगा रहे हैं.

