
जमशेदपुर: डिमना स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में अब मरीजों और उनके परिजनों को शुद्ध पेयजल के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। अस्पताल प्रबंधन की ओर से शनिवार को 4 नए वाटर प्यूरीफायर लगाए गए हैं, जिससे अस्पताल परिसर में ही स्वच्छ पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हो गई है। हालांकि गर्मी के मद्देनजर इसमें और बढ़ोत्तरी करने की जरूरत है।
इन प्यूरीफायर को इमरजेंसी, एक्स-रे लाइन, गायनिक वार्ड और मेडिसिन वार्ड के पास स्थापित किया गया है, जिससे विभिन्न विभागों में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को सीधे लाभ मिल रहा है।
मरीजों के परिजनों ने राहत जताते हुए बताया कि पहले उन्हें पानी के लिए बाहर टंकी या दुकानों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे काफी असुविधा होती थी, खासकर उन मरीजों को, जिनके साथ कोई अटेंडेंट नहीं होता था। हालांकि, अस्पताल निर्माण करने वाली कंपनी एल एंड टी द्वारा लगाए गए 46 वाटर प्यूरीफायर अस्पताल शुरू होने के मात्र दो महीने के भीतर ही खराब हो गए थे। मेंटेनेंस के अभाव में ये सभी प्यूरीफायर अब तक बेकार पड़े हैं, जिससे लंबे समय से लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही थी।
निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि कई खराब प्यूरीफायर गंदगी का शिकार हो चुके हैं। कुछ लोगों द्वारा गुटखा थूकने जैसी हरकतों से उनमें बदबू और अस्वच्छता फैल गई है। ऐसे असामाजिक व्यवहार के कारण आम लोगों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। अस्पताल प्रबंधन द्वारा नई पहल से राहत जरूर मिली है, लेकिन साफ-सफाई और रखरखाव में जनसहभागिता भी उतनी ही जरूरी है, ताकि यह सुविधा लंबे समय तक सुचारू रूप से चलती रहे।

