
उदित वाणी, जमशेदपुर : मानगो अंचल अंतर्गत देवघर मौजा में लंबे समय से चल रहे भूमि विवाद का समाधान शुक्रवार को उस वक्त हुआ, जब बिरसा सेना एवं ग्रामीणों की पहल पर कांदरा मांझी (धनाई मुर्मू) को उनकी जमीन पर दखल-कब्जा दिलाया गया. बताया जाता है कि इस विवादित भूमि को लेकर ग्राम सभा देवघर के दोनों मांझी बाबा एवं मांझी परगना महाल द्वारा पूर्व में ही कांदरा मुर्मू के पक्ष में निर्णय सुनाया जा चुका था. इसके बावजूद रोमन मुर्मू, उनके भाई बिसू मुर्मू तथा उनके पुत्रों द्वारा बाहरी भूमि माफियाओं के साथ मिलकर खाता संख्या 113, प्लॉट संख्या 1088 (रकवा 1 एकड़ 25 डिसमिल) जमीन पर जबरन कब्जा करने का प्रयास जारी था.
आरोप है कि रोमन मुर्मू, बिसू मुर्मू एवं उनके पुत्र—लालू मुर्मू, मानिक मुर्मू, किसू मुर्मू और सुनाराम मुर्मू (सिमल मुर्मू मांझी होपोन)—ने ग्राम सभा और मांझी परगना महाल के फैसले की अनदेखी करते हुए जमीन पर कब्जा जमाने की कोशिश की.
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए देवघर ग्राम सभा, मांझी परगना महाल (आसनबनी तोरोप) के निर्णय को लागू करते हुए बिरसा सेना एवं ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की और कांदरा मुर्मू को उनकी जमीन पर पुनः कब्जा दिलाया.
इस मौके पर बिरसा सेना के केंद्रीय अध्यक्ष दिनकर कच्छप ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति ग्राम सभा और मांझी परगना महाल के निर्णयों की अवहेलना कर आदिवासियों की जमीन पर बाहरी लोगों को बसाने या जनसंख्या संतुलन बिगाड़ने का प्रयास करेगा, तो संगठन कड़ी कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा.
कार्यक्रम के दौरान बिरसा सेना के केंद्रीय महासचिव, जमुदा, रैयत धनाई मुर्मू, सरकार मुर्मू, रेवती मुर्मू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे.

