
उदित वाणी जमशेदपुर: हरियाणा के गुरुग्राम (सिद्धारावली) में मंगलवार (10 मार्च) हुए निर्माणाधीन साइट पर दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले झारखंड के श्रमिकों के पार्थिव शरीर गुरुवार (12 मार्च) को एंबुलेंस के माध्यम से उनके पैतृक गांव (ईचागढ़ और जादूगोड़ा) के लिए रवाना कर दिए गए. मृतकों के शव तीन एंबुलेंस में दोपहर करीब एक बजे गुरुग्राम से झारखंड के लिए भेजे गए.
एंबुलेंस के साथ दो एस्कॉर्ट गाड़ियां और एक अन्य सरकारी वाहन भी लगाया गया है, ताकि रास्ते में किसी प्रकार की परेशानी न हो और पार्थिव देह सुरक्षित परिजनों तक पहुंच जाएगी.अब उनके पार्थिव शरीर आज (शुक्रवार को) झारखंड पहुंचने के बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया परिजनों द्वारा की जाएगी.
केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री (रांची से संसद) संजय सेठ स्वयं गुरुवार दोपहर गुरुग्राम पहुंचे और पूरी व्यवस्था का जायजा लिया. उन्होंने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि परिजनों को किसी भी स्तर पर परेशानी न हो.
झारखंड के छह मजदूरों की मौत:
हरियाणा के गुरुग्राम में निर्माण कार्य के दौरान मिट्टी धंसने से हुए दर्दनाक हादसे में कुल सात मजदूरों की मौत हुई है, जिनमें झारखंड के छह श्रमिक शामिल हैं. मृतकों में पूर्वी सिंहभूम जिले के जादूगोड़ा क्षेत्र के बनगोड़ा गांव के चार तथा सरायकेला-खरसावां जिले के ईचागढ़ क्षेत्र के दो मजदूर शामिल हैं.
मृतकों की सूची
धनंजय महतो – बनगोड़ा गांव, जादूगोड़ा (पूर्वी सिंहभूम)
भागीरथ गोप – बनगोड़ा गांव, जादूगोड़ा (पूर्वी सिंहभूम)
संजीत गोप उर्फ दुलाल – बनगोड़ा गांव, जादूगोड़ा (पूर्वी सिंहभूम)
मंगल महतो – बनगोड़ा गांव, जादूगोड़ा (पूर्वी सिंहभूम)
शिव शंकर सिंह मुंडा – बुरुहातू गांव, ईचागढ़ (सरायकेला-खरसावां)
परमेश्वर महतो – हुड़ी गांव, ईचागढ़ (सरायकेला-खरसावां)
इसके अलावा भरतपुर (राजस्थान) निवासी सुपरवाइजर सतीश की भी मौत हो गई.
मृतकों के आश्रित परिवारों को 20-20 लाख रुपये का मुआवजा:
हादसे का शिकार हुए जमशेदपुर और ईचागढ़ के 6 श्रमिकों और भरतपुर (राजस्थान) के एक श्रमिक के परिजनों को सहायता प्रदान की गई है. गुरूवार को मृतकों के आश्रित परिवारों को 20-20 लाख रुपये के मुआवजा चेक सौंपे गए. इसके साथ ही तत्काल राहत के रूप में प्रत्येक परिवार को 20-20 हजार रुपये नकद भी प्रदान किए गए. जिस कंपनी में ये श्रमिक कार्यरत थे, उसके अधिकारियों ने मृतकों के आश्रितों को रोजगार देने के लिए ऑफर लेटर भी सौंपा है.
केंद्रीय मंत्री संजय सेठ ने बताया कि घटना के तुरंत बाद उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से बातचीत कर मृतकों के परिवारों को सहायता दिलाने का आग्रह किया था. मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला प्रशासन, कंपनी प्रबंधन और परिजनों के बीच बैठक के बाद मुआवजा राशि तय की गई.
हरियाणा सरकार की ओर से भी विभिन्न प्रक्रियाओं के तहत प्रत्येक परिवार को लगभग 19 लाख रुपये की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी. इस प्रकार प्रत्येक प्रभावित परिवार को कुल 39 लाख रुपये की सहायता राशि मिलेगी. कागजी कार्रवाई के लिए जमशेदपुर और सरायकेला-खरसावां के उपायुक्तों को गुरुग्राम प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया गया है.
सांसद विद्युत वरण महतो ने जताया आभार
इस पूरे मामले में सहयोग के लिए जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के प्रति आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने झारखंड के मृतक श्रमिकों के परिवारों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए त्वरित सहायता और व्यवस्था सुनिश्चित कराई है. सांसद ने इस मामले में सहयोग के लिए रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ के प्रति भी आभार व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है.

