
उदित वाणी, बहरागोड़ा : बहरागोड़ा प्रखंड के जगन्नाथपुर स्थित नटराज गेस्ट हाउस में पारंपरिक ग्राम प्रधान संघ के बैनर तले ग्राम प्रधानों की मासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता ग्राम प्रधान शरत चन्द्र मंगल ने की। बैठक में ग्राम सभा को सशक्त बनाने, पारंपरिक ग्राम प्रधान संघ को मजबूत करने तथा संगठन की गतिविधियों को सक्रिय करने पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सदस्यता नवीकरण की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा और पंचायत स्तरीय कमेटियों की समीक्षा बैठक 31 मार्च तक पूरी कर ली जाएगी।
बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद पारंपरिक ग्राम प्रधान संघ के जिला अध्यक्ष अरूण बारिक ने ग्राम प्रधानों को उनकी जिम्मेदारियों और अधिकारों के प्रति सजग रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ग्राम सभा के सशक्तीकरण के लिए सभी ग्राम प्रधानों को सक्रिय भूमिका निभानी होगी और अपने-अपने क्षेत्र की समस्याओं को चिन्हित कर उनके समाधान के लिए पहल करनी होगी।
उन्होंने कहा कि पारंपरिक व्यवस्था, रीति-रिवाज, सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं की रक्षा करना ग्राम प्रधानों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। विभिन्न समुदायों—एसटी, एससी, ओबीसी सहित सभी जाति-समुदायों की जो परंपराएं मिलजुल कर चली आ रही हैं, उन्हें सुरक्षित रखना आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि पेसा कानून के माध्यम से ग्राम सभाओं को कई अधिकार प्राप्त हुए हैं, जिनका सही तरीके से उपयोग किया जाना चाहिए।
चाकुलिया प्रखंड पारंपरिक ग्राम प्रधान संघ के कार्यकारी अध्यक्ष राजेश्वर महतो ने कहा कि संगठन को मजबूत करने के लिए पंचायत स्तर पर बैठकें आयोजित कर गतिविधियों की समीक्षा की जाए और ग्राम सभा क्षेत्र की समस्याओं की सूची तैयार की जाए। वहीं ग्राम प्रधान सह कोषाध्यक्ष भवतारण बट्टवाल ने सभी सदस्यों से 31 मार्च तक सदस्यता नवीकरण की प्रक्रिया पूरी करने की अपील की। बैठक में तरुण प्रधान, देवाशीष कुईला, नीलकंठ नायेक, निमाई मुंडा, सपत गोराई, काली किंकर बट्टवाल, सुजीत भद्र, सुजीत पाल और शशांक राणा समेत कई ग्राम प्रधान उपस्थित थे।

