
उदित वाणी,जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिले के जमशेदपुर अंतर्गत बहरागोड़ा प्रखंड से एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है. सुवर्णरेखा नदी के किनारे पानीपड़ा-नागुड़साई क्षेत्र में मिला विशालकाय और शक्तिशाली बम बुधवार को सफलतापूर्वक निष्क्रिय (डिफ़्यूज) कर दिया गया है. करीब 227 किलोग्राम वजनी इस बम को निष्क्रिय करने के लिए भारतीय सेना की विशेषज्ञ टीम को विशेष रूप से बुलाया गया था. इस अभियान की सफलता के बाद स्थानीय ग्रामीणों और प्रशासन ने राहत की सांस ली है.
छावनी में तब्दील हुआ पानीपड़ा-नागुड़साई क्षेत्र
सोमवार को जैसे ही इस शक्तिशाली बम की सूचना मिली, प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया. सेना के वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया और क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था. सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करते हुए आम लोगों की आवाजाही पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई थी. सेना की टीम ने दो दिनों तक इस स्थल पर डेरा डाले रखा और बम का गहन तकनीकी निरीक्षण किया.
द्वितीय विश्व युद्ध के समय का है बम
सेना के विशेषज्ञों द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. यह विशालकाय बम द्वितीय विश्व युद्ध (World War II) के समय का बताया जा रहा है. दशकों पुराने इस बम में अब भी भारी विस्फोटक क्षमता मौजूद थी. विशेषज्ञों के अनुसार, यदि इसमें विस्फोट होता, तो यह बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान कर सकता था. टीम ने इसकी स्थिति, विस्फोटक क्षमता और संभावित प्रभाव क्षेत्र का बारीकी से आकलन करने के बाद ही ऑपरेशन शुरू किया.
सुरक्षित तरीके से किया गया विस्फोट
बुधवार को सभी सुरक्षा मानकों और प्रोटोकॉल का पालन करते हुए, सेना की बम निरोधक टीम ने इसे सुरक्षित तरीके से निष्क्रिय कर दिया. इस संयुक्त कार्रवाई में जिला प्रशासन और पुलिस का भी अहम सहयोग रहा. दशकों से जमीन के नीचे या पानी के किनारे दबे इस खतरे के खत्म होने से अब क्षेत्र में भय का माहौल समाप्त हो गया है. सेना और प्रशासन की इस मुस्तैदी ने एक संभावित बड़े हादसे को टालने में सफलता हासिल की है.

