
उदित वाणी, जमशेदपुर : टाटा पावर ने 31 दिसंबर 2025 को समाप्त तीसरी तिमाही के लिए 1,194 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (पैट) दर्ज किया. इसी अवधि में कंपनी का राजस्व 14,485 करोड़ रहा और एबिटडा 3,913 करोड़ दर्ज किया गया.नौ महीने की अवधि के लिए कंपनी का पैट बढ़कर 3,702 करोड़ हो गया (वर्ष-दर-वर्ष 7 प्रतिशत की वृद्धि), राजस्व 47,719 करोड़ रहा (वर्ष-दर-वर्ष 1 प्रतिशत की वृद्धि) जबकि एबिटडा बढ़कर 11,874 करोड़ हो गया (वर्ष-दर-वर्ष 12 फीसदी की वृद्धि). तीसरी तिमाही और नौ महीने की अवधि के दौरान कंपनी का प्रदर्शन उसके विविध और एकीकृत पोर्टफोलियो की मजबूती को दर्शाता है, जिसमें नवीकरणीय ऊर्जा, ट्रांसमिशन एवं डिस्ट्रीब्यूशन, नई ऊर्जा समाधान और पारंपरिक बिजली उत्पादन शामिल हैं.
टाटा पावर के सीईओ एवं मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. प्रवीण सिन्हा ने कहा,
“तीसरी तिमाही में जेनरेशन, ट्रांसमिशन, डिस्ट्रीब्यूशन, रिन्यूएबल्स और मैन्युफैक्चरिंग—सभी क्षेत्रों में मजबूत निष्पादन और सर्वांगीण प्रदर्शन देखने को मिला. हमने 10 गीगावाट से अधिक की संचयी नवीकरणीय ईपीसी निष्पादन क्षमता को पार किया, उद्योग में अग्रणी यील्ड के साथ सोलर सेल और मॉड्यूल का रिकॉर्ड उत्पादन किया, तथा रूफटॉप सोलर को विस्तार देते हुए संचयी इंस्टॉलेशन 4 जीडब्ल्यूपी से आगे बढ़ाया.
देश में 1.3 करोड़ उपभोक्ता
अब हम देशभर में 1.3 करोड़ से अधिक वितरण उपभोक्ताओं को सेवा प्रदान कर रहे हैं, जो निजी यूटिलिटीज़ में सबसे बड़ा उपभोक्ता आधार है. हमारे ओडिशा डिस्कॉम्स ने मजबूत वित्तीय और परिचालन प्रदर्शन किया है और ऊर्जा मंत्रालय की 14वीं इंटीग्रेटेड रेटिंग में ए प्लस और ए ग्रेड प्राप्त किए हैं. ट्रांसमिशन क्षेत्र में हमने हरित ऊर्जा कॉरिडोर को सशक्त बनाने वाली प्रमुख परियोजनाओं को कमीशन किया है. भूटान की सबसे बड़ी पीपीपी जलविद्युत परियोजना के लिए विश्व बैंक की फाइनेंसिंग हमारे स्वच्छ ऊर्जा पोर्टफोलियो और क्षेत्रीय सहयोग को और मजबूत करती है.
नौ माह का प्रदर्शन
नौ माह का हमारा प्रदर्शन 2026 में प्रवेश करते समय हमें मजबूत स्थिति में रखता है, जिसे अनुकूल मैक्रो परिस्थितियों और विनिर्माण, शहरीकरण तथा एआई आधारित डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर से बढ़ती बिजली मांग का समर्थन प्राप्त है. जैसे-जैसे भारत बिजली क्षेत्र के विस्तार के निर्णायक चरण में प्रवेश कर रहा है, टाटा पावर जिम्मेदारी के साथ स्वच्छ ऊर्जा क्षमता को बढ़ाने, सिस्टम की मजबूती को सुदृढ़ करने और दीर्घकालिक, विश्वसनीय विकास प्रदान करने पर केंद्रित रहेगा.”

