
उदित वाणी, जमशेदपुर : बारीगोड़ा रेलवे फाटक के समीप एक दर्दनाक सड़क हादसे में बस से दबकर छात्रा की मौत के बाद रेलवे प्रशासन हरकत में आ गया है. घटना की गंभीरता को देखते हुए चक्रधरपुर रेल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) तरुण हुरिया मंगलवार को स्वयं टाटानगर पहुंचे और घटनास्थल सहित पूरे मामले की विस्तृत जानकारी ली. डीआरएम के दौरे से यह संकेत मिला है कि रेलवे अब बारीगोड़ा फाटक पर लंबे समय से लंबित रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) निर्माण को लेकर ठोस कदम उठाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.
परिजनों और स्थानीय लोगों से की मुलाकात
डीआरएम तरुण हुरिया ने घटना के बाद स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और क्षेत्र के लोगों से मुलाकात की. उन्होंने मृत छात्रा के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि यह हादसा अत्यंत दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि रेलवे इस घटना को केवल एक दुर्घटना मानकर नहीं, बल्कि भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए गंभीरता से समीक्षा कर रहा है.
स्थानीय लोगों ने डीआरएम के समक्ष बारीगोड़ा फाटक पर रोजाना लगने वाले जाम, भारी वाहनों की आवाजाही और सुरक्षा इंतजामों की कमी की समस्याएं रखीं.
लेवल क्रॉसिंग संख्या 138 पर आरओबी में देरी का कारण
पत्रकारों से बातचीत में डीआरएम तरुण हुरिया ने स्पष्ट किया कि बारीगोड़ा रेलवे फाटक, जिसे लेवल क्रॉसिंग संख्या 138 के नाम से जाना जाता है, वहां प्रस्तावित रोड ओवर ब्रिज के लिए पहले जनरल अरेंजमेंट ड्राइंग (जीएडी) तैयार की जा चुकी थी. इस ड्राइंग को राज्य सरकार से स्वीकृति भी मिल गई थी.
उन्होंने बताया कि प्रारंभिक योजना के अनुसार आरओबी की कुल लागत का 50 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार और 50 प्रतिशत रेलवे को वहन करना था. हालांकि राज्य सरकार के हिस्से से जुड़े कार्यों में बाधा आने के कारण परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी. इस स्थिति को देखते हुए रेलवे ने प्रस्ताव दिया कि आरओबी निर्माण का पूरा खर्च रेलवे स्वयं वहन कर लेगा.
नई एलाइनमेंट पर बनेगा आरओबी
डीआरएम ने जानकारी दी कि पिछले सप्ताह राज्य सरकार ने रेलवे के इस प्रस्ताव पर सहमति जता दी है. हालांकि सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि पहले स्वीकृत एलाइनमेंट पर अब आरओबी का निर्माण नहीं किया जाएगा. इसके स्थान पर नई एलाइनमेंट तैयार की जाएगी.
डीआरएम के अनुसार, फिलहाल नई एलाइनमेंट के अनुरूप ड्राइंग तैयार की जा रही है. जैसे ही यह ड्राइंग तैयार होकर स्वीकृत हो जाएगी, वैसे ही आरओबी निर्माण का कार्य शुरू कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि रेलवे की प्राथमिकता है कि निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू हो, ताकि लोगों को राहत मिल सके और दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके.
गोविंदपुर और टाटानगर स्टेशन से जुड़े मुद्दे
डीआरएम तरुण हुरिया ने गोविंदपुर क्षेत्र का भी उल्लेख किया. उन्होंने बताया कि वहां के लिए भी आवश्यक ड्राइंग तैयार हो चुकी है, लेकिन कुछ स्थानीय समस्याओं और व्यावहारिक अड़चनों के कारण कार्य प्रभावित हो रहा है. रेलवे प्रशासन स्थानीय स्तर पर समन्वय बनाकर इन समस्याओं के समाधान का प्रयास कर रहा है.
वहीं टाटानगर स्टेशन के नवीनीकरण को लेकर डीआरएम ने कहा कि नई स्टेशन बिल्डिंग के निर्माण के चलते सड़क और पार्किंग व्यवस्था को अस्थायी रूप से डायवर्ट किया गया है. इसके कारण कुछ दुकानदारों को स्थान खाली करने के लिए कहा गया है, क्योंकि वह भूमि रेलवे के विकास कार्यों के लिए आवश्यक है. उन्होंने आश्वासन दिया कि विकास कार्य पूरा होने के बाद बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी.
डीआरएम के दौरे और दिए गए आश्वासनों के बाद स्थानीय लोगों को उम्मीद जगी है कि बारीगोड़ा फाटक पर आरओबी का सपना अब जल्द साकार होगा. लोगों का कहना है कि यदि समय पर आरओबी का निर्माण हो जाता, तो शायद छात्रा की जान बचाई जा सकती थी. अब सभी की निगाहें रेलवे और राज्य सरकार के बीच हुए नए समझौते पर टिकी हैं.

