
उदित वाणी, जमशेदपुर : बादामपहाड़ से टाटानगर आ रही पैसेंजर ट्रेन परसुडीह के मखदुमपुर फाटक के समीप तकनीकी कारणों से घंटों तक खड़ी रही. बताया जा रहा है कि ट्रेन के ऊपर लगे ओवरहेड इक्विपमेंट (ओएचई) तार में लाल रंग के कपड़े का एक बड़ा हिस्सा फंसा हुआ दिखाई दिया. खतरे को भांपते हुए लोको पायलट ने झारखंड नगर के पास ही ट्रेन को रोक दिया और तत्काल रेलवे कंट्रोल को सूचना दी.
लोको पायलट के अनुसार, यदि इस अवस्था में ट्रेन को आगे बढ़ाया जाता तो पैंटो (पैंटोग्राफ) के गिरने की पूरी आशंका थी. पैंटो गिरने की स्थिति में न केवल ट्रेन पूरी तरह से ठप हो सकती थी, बल्कि बड़ा तकनीकी नुकसान और दुर्घटना की संभावना भी बन सकती थी. सतर्कता के चलते बड़ा हादसा टल गया.
ट्रेन के लंबे समय तक एक ही स्थान पर खड़े रहने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा. गर्मी और असुविधा से परेशान कई यात्री ट्रेन से उतर गए और पैदल ही अपने गंतव्य की ओर रवाना हो गए. खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ा. यात्रियों में नाराजगी भी देखने को मिली.
स्थानीय लोगों ने आशंका जताई है कि किसी शरारती तत्व या बच्चों द्वारा कपड़े को पत्थर से बांधकर ओएचई तार की ओर फेंका गया होगा, जिससे वह बिजली के तार में फंस गया. इस तरह की घटनाएं रेलवे परिचालन के लिए गंभीर खतरा बन सकती हैं.
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे के संबंधित विभाग के कर्मचारी मौके पर रवाना हो गए. ओएचई से कपड़ा हटाने और तकनीकी जांच के बाद ही ट्रेन परिचालन को सामान्य किए जाने की प्रक्रिया शुरू की गई. रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से संयम बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि सुरक्षा सर्वोपरि है. किसी भी प्रकार की जल्दबाजी बड़े हादसे का कारण बन सकती है.

