उदित वाणी जमशेदपुर: लौहनगरी में जलीय जीवों पर संकट गहराता जा रहा है। बीते एक माह में तीसरी बार बड़े पैमाने पर मछलियों के मरने की घटना सामने आई है। रविवार सुबह डोबो पुल के नीचे स्वर्णरेखा नदी में हजारों की संख्या में मरी हुई मछलियां तैरती पाई गईं, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों में हड़कंप मच गया है।
बिना जाल के ही हाथ आने लगीं मृत मछलियां
स्थानीय मछुआरे जब रविवार सुबह करीब 3 बजे नदी किनारे पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि बड़ी संख्या में मछलियां मृत अवस्था में पानी के ऊपर आ गई हैं। स्थिति यह थी कि मछुआरों को जाल डालने की भी जरूरत नहीं पड़ी और लोग हाथों से ही मृत मछलियों को बटोरकर ले जाने लगे। जनता दल (यूनाइटेड) के सोनारी मंडल अध्यक्ष चुन्नू भूमिज ने तत्काल इसकी सूचना जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय को दी।
विधायक सरयू राय ने किया घटनास्थल का निरीक्षण
सूचना मिलते ही विधायक सरयू राय मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति का जायजा लेने के बाद कहा कि मछलियों की मौत बड़े पैमाने पर हुई है। उन्होंने बताया कि जिस स्थान पर मछलियां मरी हैं, उसके ठीक बगल में सोनारी की ओर से आने वाला एक बड़ा सीवेज नाला नदी में गिर रहा है।
पुराने ‘कुंड’ बने गंदगी का मुख्य स्रोत
सरयू राय ने पूर्व सरकार के कार्यकाल के दौरान बनाए गए कुंडों पर सवाल उठाते हुए कहा, “पाँच साल पहले तत्कालीन मंत्री ने यहाँ दो-तीन कुंड बनवाए थे, जिसका काफी प्रचार हुआ था। मैंने तभी कहा था कि यह योजना विफल होगी। आज वही कुंड गंदगी का मुख्य स्रोत बन गए हैं। उनमें जमा गंदा पानी अब सीधे नदी में मिल रहा है।”
स्वास्थ्य पर गंभीर खतरे की आशंका
नदी में प्रचुर मात्रा में उगी जलकुंभियों की ओर इशारा करते हुए श्री राय ने कहा कि घरों और नालों से निकलने वाला दूषित रासायनिक पदार्थ पानी में मिल रहा है, जिससे ऑक्सीजन की कमी हो सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि लोग इसी दूषित पानी में स्नान कर रहे हैं, जो गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता है।
प्रदूषण बोर्ड और टाटा स्टील से जांच की मांग
विधायक ने मांग की है कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, टाटा स्टील और स्थानीय नगर निकाय को तुरंत पानी के नमूनों की जांच करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन को जनता को यह स्पष्ट बताना चाहिए कि मछलियों के मरने का असली कारण क्या है और भविष्य में इसे रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।


