उदित वाणी, जमशेदपुर: टाटानगर रेलवे स्टेशन पर यात्री सुविधाओं के दावों की पोल एक बार फिर खुल गई है। प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर पार्सल कार्यालय के समीप स्थित चलती सीढ़ी (एस्केलेटर) पिछले पांच दिनों से तकनीकी खराबी के कारण ठप है। इससे स्टेशन आने-जाने वाले हजारों यात्रियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
बुजुर्गों और भारी सामान वाले यात्रियों की बढ़ी परेशानी
एस्केलेटर बंद होने का सबसे बुरा असर बुजुर्गों, महिलाओं, दिव्यांगों और छोटे बच्चों के साथ सफर करने वाले यात्रियों पर पड़ रहा है। भारी भरकम सामान लेकर यात्रियों को मजबूरन सामान्य सीढ़ियों का उपयोग करना पड़ रहा है। यात्रियों का आरोप है कि स्टेशन पर आधुनिक सुविधाओं का ढिंढोरा तो पीटा जाता है, लेकिन धरातल पर समय पर रखरखाव न होने से ये सुविधाएं शो-पीस बनकर रह गई हैं।
रखरखाव व्यवस्था पर उठे सवाल
स्थानीय नियमित यात्रियों के अनुसार, टाटानगर स्टेशन पर एस्केलेटर का खराब होना अब एक आम बात हो गई है। रेलवे प्रशासन द्वारा मरम्मत के बाद इसे चालू तो किया जाता है, लेकिन कुछ ही दिनों में यह दोबारा बंद हो जाता है। यात्रियों का कहना है कि यह रखरखाव व्यवस्था में एक गंभीर लापरवाही का प्रमाण है।
यात्रियों ने जताई नाराजगी, स्थायी समाधान की मांग
प्लेटफॉर्म नंबर-1 के इस मुख्य एस्केलेटर से प्रतिदिन सैकड़ों लोग आवाजाही करते हैं। यात्रियों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि रेलवे को केवल दिखावे के लिए मशीनें नहीं लगानी चाहिए, बल्कि उनकी निरंतर कार्यशीलता सुनिश्चित करनी चाहिए। दक्षिण पूर्व रेलवे प्रशासन से मांग की गई है कि इसे तत्काल ठीक कराया जाए और स्टेशन के अन्य लिफ्ट व एस्केलेटर की नियमित जांच की जाए।


