उदित वाणी, पटमदा: भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण की तैयारियों ने जोर पकड़ लिया है। आगामी 16 मई से प्रस्तावित प्रथम चरण के कार्यों को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए बोड़ाम प्रखंड सभागार में आयोजित तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शनिवार को समापन हो गया। यह कार्यक्रम बीडीओ किकू महतो की सीधी देखरेख में संपन्न हुआ।
मकान सूचीकरण और गणना पर विशेष जोर
7 से 9 मई तक चले इस प्रशिक्षण के दौरान सभी प्रगणकों, पर्यवेक्षकों एवं संबंधित पदाधिकारियों को जनगणना के प्रथम चरण की जटिल प्रक्रिया के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। प्रखंड कार्यालय में तीन अलग-अलग टीमों को प्रशिक्षित किया गया, ताकि कार्य में सटीकता बनी रहे।
इन महत्वपूर्ण विषयों पर दी गई जानकारी
प्रशिक्षण सत्र के दौरान प्रगणकों को निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर प्रशिक्षित किया गया:
आवासीय मकानों की सूचीकरण प्रक्रिया।
मकानों की गणना और वर्गीकरण।
जनसंख्या, लिंगानुपात और आयु का सटीक आकलन।
धर्म एवं आर्थिक गतिविधियों से जुड़े डेटा संग्रह के तरीके।
विकास योजनाओं का आधार हैं जनगणना के आंकड़े: बीडीओ
बीडीओ किकू महतो ने प्रशिक्षण को संबोधित करते हुए कहा कि जनगणना के आंकड़े देश की नीतियों और भविष्य की विकास योजनाओं के निर्माण का सबसे महत्वपूर्ण आधार होते हैं। इन्हीं आंकड़ों के आधार पर सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और अन्य बुनियादी सुविधाओं की योजनाएं तैयार करती है। उन्होंने सभी कर्मियों को निर्देश दिया कि वे इस कार्य को पूरी जिम्मेदारी और गंभीरता के साथ पूरा करें।
इस अवसर पर प्रशिक्षु के रूप में जगरनाथ गोराई, दयामय महतो, सुधाकर महतो समेत कई अन्य प्रगणक और पर्यवेक्षक उपस्थित थे।


