
उदित वाणी, जमशेदपुर: टाटानगर रेलवे स्टेशन की सुरक्षा और यात्री सुविधाओं को आधुनिक तकनीक से लैस करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। रेलवे स्टेशन के पोर्टिको लेन में अब अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक बोलार्ड बैरियर (Electronic Bollard Barrier) स्थापित कर दिए गए हैं। गुरुवार को विशेषज्ञों की टीम ने इस सिस्टम का सफल ट्रायल पूरा किया, जिससे अब स्टेशन परिसर में अनधिकृत वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह लगाम लगेगी।
क्या है इलेक्ट्रॉनिक बोलार्ड और कैसे करेगा काम? (High-Tech Security System)
यह एक रिमोट-कंट्रोल संचालित ऑटोमैटिक सिस्टम है। एंबुलेंस, दमकल (Fire Brigade) या वीआईपी वाहनों के आने पर रिमोट के माध्यम से ये बोलार्ड जमीन के अंदर समा जाएंगे और रास्ता साफ हो जाएगा। वाहन गुजरते ही ये पुनः खंभे की तरह ऊपर उठकर रास्ता ब्लॉक कर देंगे। इस प्रकार की हाई-सिक्योरिटी व्यवस्था आमतौर पर दूतावासों, मिलिट्री कैंपों और बड़े कॉर्पोरेट अस्पतालों में ही देखने को मिलती है।
डीआरएम के निर्देश पर दिल्ली की एजेंसी ने किया इंस्टॉलेशन
चक्रधरपुर मंडल के डीआरएम तरुण हुरिया के निर्देश पर रेलवे इंजीनियरिंग विभाग ने इस प्रोजेक्ट को पूरा किया है। इसके इंस्टॉलेशन के लिए दिल्ली की एक विशेषज्ञ एजेंसी की मदद ली गई है। सूत्रों के अनुसार, इन बोलार्ड्स के संचालन की जिम्मेदारी पार्किंग कर्मियों को दी जा सकती है, जबकि आरपीएफ (RPF) के जवान सुरक्षा और निगरानी का जिम्मा संभालेंगे।
यात्रियों की परेशानी को देखते हुए बदला गया सिस्टम
इससे पहले पोर्टिको लेन में स्टील एंगल और डिवाइडर लगाए गए थे, जिससे अनधिकृत वाहन तो रुक गए थे लेकिन मरीजों, बुजुर्गों और दिव्यांग यात्रियों को व्हीलचेयर ले जाने में काफी दिक्कत हो रही थी। यात्रियों की इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए रेलवे प्रशासन ने पुराने स्टील एंगल हटाकर हाईटेक बोलार्ड लगाने का निर्णय लिया। अब स्टेशन के सामने डिवाइडर को संशोधित कर व्हीलचेयर के अनुकूल रास्ता भी तैयार किया गया है।
आपातकालीन सेवाओं के लिए वरदान
इस नई पहल के कई लाभ होंगे:
• जाम से मुक्ति: पोर्टिको लेन में बेवजह की भीड़ और वाहनों का जमावड़ा नहीं होगा।
• सुरक्षा: स्टेशन का संवेदनशील हिस्सा अब पहले से कहीं अधिक सुरक्षित होगा।
• त्वरित रिस्पांस: आपातकालीन सेवाएं अब बिना किसी बाधा के सीधे स्टेशन के करीब पहुँच सकेंगी, जिससे मरीजों को समय पर उपचार मिल सकेगा।

