
उदित वाणी, जमशेदपुर : साकची गुरुद्वारा चुनाव को लेकर झारखंड हाईकोर्ट के हालिया आदेश के बाद सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (सीजीपीसी) ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि न्यायालय का फैसला पूरी तरह उनके पक्ष में है. सीजीपीसी के प्रधान भगवान सिंह ने प्रेस वार्ता में कहा कि हाईकोर्ट ने निशान सिंह की याचिका का निष्पादन करते हुए साफ कर दिया है कि चुनाव प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी थी.
निशान सिंह की याचिका पर हाईकोर्ट का फैसला
भगवान सिंह ने बताया कि झारखंड हाईकोर्ट ने साकची गुरुद्वारा चुनाव से संबंधित रिट याचिका को यह कहते हुए समाप्त (disposed of) कर दिया कि मामला पहले ही समाप्त हो चुका है और चुनाव प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है. उन्होंने कहा कि यह आदेश स्पष्ट करता है कि चुनाव गुरुद्वारा के संविधान (By-Laws) के अनुसार और सीजीपीसी की देखरेख में विधिवत संपन्न हुए हैं.
चुनाव प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ हुई
सीजीपीसी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में भगवान सिंह ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का समर्थन या विरोध करना नहीं, बल्कि गुरुद्वारा की व्यवस्था, मर्यादा और संविधान को बनाए रखना है. उन्होंने बताया कि जब गुरुद्वारा में विवाद की स्थिति बनी, तब प्रशासन विशेषकर एसडीओ ने निर्देश दिया कि चुनाव सीजीपीसी की देखरेख में कराया जाए और कानून-व्यवस्था प्रशासन संभाले.
इसके बाद नोटिस जारी किए गए, नामांकन प्रक्रिया पूरी की गई और बैलेट वोटिंग कराई गई, जिसमें संगत के मतों से हरविंदर सिंह मंटू को प्रधान चुना गया.
निशान सिंह को हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत
भगवान सिंह ने कहा कि निशान सिंह हाईकोर्ट इस उद्देश्य से गए थे कि एसडीओ के आदेश को रद्द कराया जाए और सीजीपीसी को चुनाव कराने से रोका जाए. लेकिन उन्हें इस मामले में कोई राहत नहीं मिली. न्यायालय ने स्पष्ट किया कि यदि किसी को आपत्ति है, तो वह सिविल कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकता है.
सीजीपीसी के अधिकार और व्यवस्था की लड़ाई
उन्होंने कहा कि यह किसी व्यक्ति विशेष की लड़ाई नहीं है, बल्कि सीजीपीसी की गरिमा और अधिकार को बनाए रखने का मामला है. यदि इस व्यवस्था को कमजोर किया गया, तो भविष्य में गुरुद्वारों में अनुशासन बनाए रखना मुश्किल हो जाएगा.
प्रशासन और संगत से सहयोग की अपील
भगवान सिंह ने प्रशासन से अनुरोध किया कि शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखते हुए लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई कमेटी को कार्यभार संभालने में सहयोग दिया जाए. साथ ही संगत और धार्मिक संगठनों से अपील की कि गुरुद्वारा की मर्यादा बनाए रखें और कानून का सम्मान करें.
अधिवक्ताओं ने भी रखा पक्ष
प्रेस वार्ता में अधिवक्ता पंकज कुमार सिन्हा और उर्वशी सिन्हा ने बताया कि 28 मई 2025 को एसडीएम कोर्ट ने सीजीपीसी को चुनाव कराने का जिम्मा सौंपा था. इसके विरोध में निशान सिंह हाईकोर्ट गए, लेकिन उन्होंने चुनाव प्रक्रिया पूरी होने की जानकारी न्यायालय से छिपाई. बाद में यह तथ्य सामने आने पर न्यायालय ने याचिका को निष्पादित कर दिया. उन्होंने स्पष्ट किया कि न्यायालय ने कहीं भी निशान सिंह के चुनाव को मान्यता नहीं दी है.
इस मौके पर चेयरमैन सरदार शैलेन्द्र सिंह, गुरमीत सिंह, महासचिव गुरचरण सिंह बिल्ला और वरीय सलाहकार परविंदर सिंह सोहल भी उपस्थित थे.

