उदित वाणी, जमशेदपुर: जमशेदपुर स्थित राजस्थान शिवमंदिर जुगसलाई में चल रही अष्ट दिवसीय शिव महापुराण कथा के सप्तम दिवस पर आज धार्मिक अनुष्ठान के बीच कथा का आयोजन हुआ। कथा के पहले चरण में मुख्य यजमान रमेश अग्रवाल मेंगोतिया जी ने व्यासपीठ की पूजा की, इसके बाद नीरज अग्रवाल ने अपनी पत्नी के साथ व्यासपीठ की पूजा अर्चना की।
कथा के प्रारंभ में शिव रूद्राक्ष स्तोत्र और शिव स्तुति का पाठ किया गया, इसके पश्चात आचार्य विनय कांत त्रिपाठी जी ने कथा में महादेव की पूजा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि महादेव की पूजा उनके परिवार के साथ ही करनी चाहिए, जिससे जीवन में संतुलन और सुख-शांति बनी रहती है।
आचार्य जी ने आगे कहा, “मनुष्य को अपनी जीवनशैली सनातन संस्कृति के अनुरूप जीनी चाहिए। यह जीवन तभी सफल होगा जब हम परिवार के साथ जुड़े रहेंगे।” उन्होंने तिर्थ यात्राओं का महत्व भी बताया और कहा कि मनुष्य को शरीर के चलते-फिरते समय ही तिर्थ यात्रा करनी चाहिए, क्योंकि बुढ़ापे में यह कठिन हो जाता है।
राम के बनवास काल के दौरान उनके जीवन के आदर्शों को बताया गया। आचार्य जी ने भगवान राम, भरत, लक्ष्मण, शत्रुघ्न और रानियों के उच्च संस्कारों को उल्लेखित किया। इसके अलावा, हनुमान जी के जीवन को भी महत्वपूर्ण उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया और कहा कि बड़े से बड़े रोगों का इलाज हनुमान जी के लाहुल स्तोत्र से संभव है।
आज की कथा में द्वादश ज्योतिर्लिंग और पार्थिव शिवलिंग के विषय में भी विस्तार से चर्चा की गई। भगवान शिव की महिमा को विभिन्न आकर्षक झांकीयों के माध्यम से दिखाया गया।
कथातोत्सव के इस विशेष दिन पर जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने पधारकर व्यासपीठ से आशीर्वाद प्राप्त किया। कथा को सफल बनाने के लिए छीतरमल धूत, अरुण अग्रवाल, दीपक अग्रवाल, रामूका सांवर, लाल शर्मा, विश्वनाथ शर्मा और अन्य कई भक्तों का योगदान रहा।
कथा के अंतिम दिन, अर्थात कल, हरियाली तीज और होली के उत्सवों का आयोजन होगा, साथ ही द्वादश ज्योतिर्लिंग के बारे में जानकारी दी जाएगी और शिव महापुराण कथा का समापन पूर्णाहुति के साथ होगा।


