उदित वाणी जमशेदपुर: मानसिक स्वास्थ्य के प्रति समाज में बढ़ती जागरूकता और संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए सामाजिक संस्था ‘जीवन’ ने पूरे नवंबर माह व्यापक स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता अभियान चलाया। इसमें अर्ली चाइल्डहुड मेंटल हेल्थ अवेयरनेस मंथ, मेंस हेल्थ अवेयरनेस मंथ (Movember), नेशनल स्ट्रेस अवेयरनेस डे, वर्ल्ड काइंडनेस डे और इंटरनेशनल सर्वाइवर्स ऑफ सुसाइड डे जैसे महत्वपूर्ण थीम आधारित कार्यक्रम शामिल रहे।
बचपन के मानसिक विकास पर केंद्रित कार्यक्रम
अर्ली चाइल्डहुड मेंटल हेल्थ अवेयरनेस मंथ के तहत छोटे बच्चों के भावनात्मक व सामाजिक विकास पर विशेष गतिविधियाँ आयोजित की गईं। विशेषज्ञों ने माता-पिता और शिक्षकों को बताया कि जीवन के शुरुआती वर्षों में सुरक्षित, सहानुभूतिपूर्ण और सहयोगी वातावरण बच्चों के मानसिक विकास की बुनियाद को मजबूत करता है। साथ ही, बच्चों के व्यवहारगत बदलावों को समय रहते पहचानने और आवश्यक हस्तक्षेप की महत्ता पर जोर दिया गया।
पुरुषों के मानसिक स्वास्थ्य पर खुली चर्चा
मेंस हेल्थ अवेयरनेस मंथ के अंतर्गत संस्था ने पुरुषों में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मिथकों और झिझक को कम करने के उद्देश्य से संवाद सत्र आयोजित किए। प्रतिभागियों ने कार्यस्थल तनाव, पारिवारिक दबाव और मानसिक थकान जैसी चुनौतियों पर खुलकर विचार साझा किए।
तनाव प्रबंधन और दयालुता पर विशेष अभियान
नेशनल स्ट्रेस अवेयरनेस डे और वर्ल्ड काइंडनेस डे पर जीवन की टीम ने तनाव प्रबंधन, सकारात्मक व्यवहार और दयालुता को जीवनशैली में शामिल करने पर प्रेरक कार्यक्रम संचालित किए।
आत्महत्या प्रभावित परिवारों के लिए सहारा
इंटरनेशनल सर्वाइवर्स ऑफ सुसाइड डे पर संस्था ने आत्महत्या से प्रभावित परिवारों के लिए भावनात्मक सहयोग सत्र आयोजित किए, जिससे वे मानसिक रूप से सशक्त बन सकें।
पूरे महीने आयोजित इन गतिविधियों के माध्यम से ‘जीवन’ ने मानसिक स्वास्थ्य को लेकर सामुदायिक चर्चा और समझ बढ़ाने का महत्वपूर्ण प्रयास किया है। संस्था ने बताया कि भावनात्मक सहायता के लिए कोई भी व्यक्ति 9297777499 या 9297777500 पर संपर्क कर सकता है। आमने-सामने संवाद के लिए लोग जीवन आत्महत्या निवारण केंद्र, 25 क्यू रोड, बिष्टुपुर में सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे के बीच पहुँच सकते हैं।


