उदित वाणी, जमशेदपुर: महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग और यूनिसेफ के संयुक्त तत्वावधान में माहवारी स्वच्छता प्रबंधन (Menstrual Hygiene Management) पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. ‘मिशन शक्ति’ और ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में मास्टर प्रशिक्षकों को जागरूक किया गया.
जागरूकता से मिटेंगी सामाजिक भ्रांतियां
कार्यक्रम का उद्घाटन अंचल सह बाल विकास परियोजना पदाधिकारी श्री मनोज कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया. उन्होंने अपने संबोधन में कहा:
“किशोरियों और महिलाओं के बीच माहवारी स्वच्छता को लेकर जागरूकता फैलाना समय की मांग है. समाज में इस विषय से जुड़ी पुरानी भ्रांतियों और संकोच को सही वैज्ञानिक जानकारी के माध्यम से ही दूर किया जा सकता है.”
तकनीकी सत्र: सेनेटरी उत्पादों का सही निपटान
प्रशिक्षण के दौरान स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) की राज्य परामर्शी श्रेया त्रिपाठी ने तकनीकी बारीकियों पर प्रकाश डाला. उन्होंने मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर जानकारी दी:
माहवारी स्वच्छता का सही प्रबंधन.
सेनेटरी उत्पादों की आसान उपलब्धता सुनिश्चित करना.
उपयोग किए गए उत्पादों का सुरक्षित और वैज्ञानिक तरीके से निपटान.
स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति चेतावनी
सदर अस्पताल की डॉ. अर्चना सिंह ने स्वास्थ्य के नजरिए से इस विषय को महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने कहा कि स्वच्छता के अभाव में किशोरियों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए प्रारंभिक अवस्था से ही उन्हें जागरूक करना अनिवार्य है.
इन अधिकारियों ने लिया हिस्सा
प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के सभी प्रखंडों की बाल विकास परियोजना पदाधिकारी (CDPO), महिला पर्यवेक्षिकाएं, स्वच्छ भारत मिशन के जिला समन्वयक और यूनिसेफ की सहयोगी संस्था लीड्स के प्रतिनिधियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई.


