उदित वाणी,सरायकेला: सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था और सुविधाओं का जायजा लेने के लिए उपायुक्त (DC) ने राजनगर प्रखंड के हेरमा पंचायत में औचक निरीक्षण किया. इस दौरान उत्क्रमित मध्य विद्यालय हाथीसिरिंग और उत्क्रमित उच्च विद्यालय किता में शैक्षणिक गुणवत्ता, मिड-डे मील और बुनियादी सुविधाओं की बारीकी से जांच की गई.
रसोईघर में जल रही थी लकड़ी, DC ने लगाई फटकार
निरीक्षण के दौरान हाथीसिरिंग स्कूल में एक गंभीर लापरवाही सामने आई. स्कूल के रसोईघर में मध्यान्ह भोजन (मिड-डे मील) गैस के बजाय लकड़ी पर पकाया जा रहा था. उपायुक्त ने इसे गंभीरता से लेते हुए तुरंत जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) को फोन किया और स्कूल में अविलंब गैस कनेक्शन और सिलेंडर की व्यवस्था सुनिश्चित करने का सख्त निर्देश दिया.
बच्चों से संवाद और शिक्षा की गुणवत्ता पर जोर
उपायुक्त ने कक्षाओं में जाकर बच्चों से सीधे बातचीत की. उन्होंने बच्चों से पढ़ाई, भोजन और स्कूल में मिलने वाली सुविधाओं का फीडबैक लिया. शिक्षकों को निर्देश देते हुए उन्होंने कहा:
खेल-खेल में शिक्षा: बच्चों को रटाने के बजाय गतिविधि आधारित शिक्षा (Activity Based Learning) दें.
कमजोर बच्चों पर ध्यान: जो छात्र पढ़ाई में पीछे हैं, उन पर विशेष फोकस करें.
नियमित बैठक: अभिभावक-शिक्षक बैठक (PTM) समय पर आयोजित की जाए.
ग्रामीणों ने उठाई शिक्षकों की कमी की समस्या
हाथीसिरिंग गांव के ग्रामीणों ने उपायुक्त को बताया कि स्कूल में शिक्षकों की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. उपायुक्त ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए जल्द ही आवश्यकतानुसार शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रयास किए जाएंगे.
स्वच्छता और अनुशासन के कड़े निर्देश
उपायुक्त ने स्कूलों में पेयजल, शौचालय और रसोईघर की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने को कहा. उन्होंने स्पष्ट किया कि मध्यान्ह भोजन रोस्टर के अनुसार और पूरी स्वच्छता के साथ दिया जाना चाहिए. मौके पर राजनगर बीडीओ मलय कुमार और जिला जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार मुख्य रूप से उपस्थित थे.


