
उदित वाणी, जमशेदपुर : शहर की रिहायशी कॉलोनियों में अब पानी की तरह गैस सप्लाई (Gas Supply) भी तय समय पर मिलने लगी है। एलपीजी की बढ़ती किल्लत (LPG Shortage) का असर अब पाइपलाइन गैस उपभोक्ताओं पर भी साफ दिखने लगा है। शहर की प्रमुख सोसाइटी विजया गार्डेन (Vijaya Garden Jamshedpur) में 24 घंटे मिलने वाली गैस सप्लाई को घटाकर निर्धारित समय में सीमित कर दिया गया है।
सोसाइटी में नोटिस जारी कर बताया गया है कि 6 अप्रैल से सुबह 5:30 से 7:30 बजे, दोपहर 12 से 2 बजे और शाम 7 से 9 बजे तक ही गैस की सप्लाई होगी। हालांकि, स्थानीय निवासियों का कहना है कि कई बार सप्लाई निर्धारित समय से देर से शुरू होती है, जिससे रोजमर्रा की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। खासकर स्कूली बच्चों के टिफिन बनाने में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
24 घंटे से ‘राशनिंग’ तक पहुंची गैस सप्लाई स्थानीय लोगों के अनुसार, पहले किचन में 24 घंटे गैस उपलब्ध रहती थी, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गैस संकट (Global Gas Crisis) (खाड़ी क्षेत्र के प्रभाव) के कारण अब सप्लाई सीमित कर दी गई है। सोसाइटी में बजरंग गैस एजेंसी (Bajrang Gas Agency) के माध्यम से पाइपलाइन से गैस दी जाती है, जहां पिछले कुछ समय से लगातार दिक्कतें आ रही हैं।
क्या है पाइपलाइन एलपीजी सिस्टम बड़ी सोसाइटियों में ब्लॉक के नीचे कई एलपीजी सिलेंडर रखे जाते हैं, जिन्हें समय-समय पर रिफिल किया जाता है। इन्हीं सिलेंडरों से पाइपलाइन के जरिए हर घर तक गैस पहुंचाई जाती है। हर घर में मीटर लगा होता है, जिसके आधार पर उपभोग के अनुसार बिलिंग होती है।
पीएनजी लाइन (PNG Pipeline) बिछी, लेकिन सप्लाई शुरू नहीं गेल (GAIL) द्वारा विजया गार्डेन सोसाइटी में पीएनजी (Piped Natural Gas) की पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है, लेकिन अभी तक इसकी सप्लाई शुरू नहीं हो पाई है। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही पीएनजी चालू होने से राहत मिल सकती है।
दोहरी व्यवस्था से बढ़ी किल्लत जानकारों के मुताबिक, जिन इलाकों में पीएनजी कनेक्शन मिल चुका है, वहां भी कई उपभोक्ता एलपीजी सिलेंडर सरेंडर नहीं कर रहे हैं। वे दोनों विकल्प (PNG and LPG) बनाए रखना चाहते हैं, जिससे सिलेंडरों की कृत्रिम कमी पैदा हो रही है। सोनारी, कदमा और बिष्टूपुर (Sonari, Kadma, Bistupur) क्षेत्रों में करीब 5 हजार उपभोक्ताओं ने पीएनजी कनेक्शन होने के बावजूद दो-दो एलपीजी सिलेंडर भरवा लिए हैं। इससे लगभग 10 हजार सिलेंडर अतिरिक्त रूप से स्टॉक में चले गए हैं, जिसका असर अन्य उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है।
आम लोगों की बढ़ी परेशानी गैस सप्लाई में इस तरह की ‘टाइमिंग सिस्टम’ (Gas Timing System) लागू होने से कामकाजी परिवारों और बच्चों वाले घरों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। लोगों का कहना है कि अगर जल्द समाधान नहीं निकला, तो यह समस्या और गंभीर हो सकती है।

