उदित वाणी जमशेदपुर: नीट (NEET) परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर देशव्यापी आक्रोश के बीच जिला कांग्रेस कमेटी ने गुरुवार को उपायुक्त (डीसी) कार्यालय के समक्ष जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. इस उग्र प्रदर्शन का नेतृत्व जिला अध्यक्ष परविंदर सिंह ने किया. प्रदर्शन के दौरान भारी संख्या में जुटे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और इस पूरे घोटाले की निष्पक्ष जांच व दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की पुरजोर मांग उठाई.
छात्रों और अभिभावकों का भरोसा टूटा: परविंदर सिंह
विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष परविंदर सिंह ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि नीट जैसी प्रतिष्ठित परीक्षा में पेपर लीक की घटना ने देश के लाखों होनहार छात्रों और उनके दिन-रात मेहनत करने वाले अभिभावकों का भरोसा पूरी तरह से तोड़ दिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की बार-बार होने वाली घटनाएं देश की पूरी शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर सवालिया निशान खड़े करती हैं, और केंद्र सरकार को इसकी पूरी जवाबदेही तय करनी चाहिए.
प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेतृत्व ने पेपर लीक के बाद उपजे मानसिक तनाव के कारण छात्रों द्वारा उठाए जा रहे आत्मघाती कदमों पर गहरी चिंता जताई. जिला अध्यक्ष ने बेहद कड़े शब्दों में कहा कि देशभर में जिन भी छात्र-छात्राओं ने इस परीक्षा धांधली के बाद मानसिक अवसाद में आकर आत्महत्या की है, उन सभी छात्रों की हत्या का मामला सीधे तौर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री और प्रधानमंत्री पर दर्ज होना चाहिए. इसके साथ ही उन्होंने दोनों के तत्काल इस्तीफे की मांग भी की.
राष्ट्रपति के नाम उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन
जोरदार नारेबाजी और प्रदर्शन के समापन के बाद कांग्रेस के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित एक मांग पत्र (ज्ञापन) सौंपा. इस ज्ञापन में कांग्रेस ने मांग की है कि पूरे नीट पेपर लीक मामले की एक उच्चस्तरीय और स्वतंत्र जांच कराई जाए, ताकि देश के भविष्य यानी छात्रों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके और उन्हें न्याय मिल सके.


