उदित वाणी, सरायकेला-खरसावां : जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, जवाबदेही एवं संस्थागत व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से उपायुक्त (डीसी) श्री नितिश कुमार सिंह द्वारा एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयोजित की गई. इस उच्च स्तरीय बैठक में मुख्य रूप से सिविल सर्जन डॉ सरयू प्रसाद सिंह, सदर उपाधीक्षक डॉ नकुल चौधरी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (DPM), सभी चिकित्सा पदाधिकारी प्रभारी (MOIC), संबंधित पदाधिकारी एवं स्वास्थ्य विभाग के कर्मी उपस्थित रहे.
डॉक्टरों की बायोमेट्रिक उपस्थिति और दवाओं के स्टॉक पर सख्त निर्देश
बैठक के दौरान उपायुक्त ने सभी स्वास्थ्य संस्थानों में नियमित बायोमेट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. उन्होंने दवाओं के अद्यतन स्टॉक संधारण, एक्सपायरी एवं नियर-एक्सपायरी दवाओं की पृथक निगरानी तथा निर्धारित प्रक्रिया के तहत उनके निष्पादन की बात कही. इसके साथ ही, अस्पतालों में ‘Free Drug’ एवं ‘Free Test’ बोर्ड को हमेशा अद्यतन (अपडेटेड) एवं स्पष्ट रूप से प्रदर्शित रखने पर विशेष बल दिया गया.

मरीजों का रिकॉर्ड और लेबर रूम-ओटी का मेंटेनेंस अनिवार्य
उपायुक्त श्री नितिश कुमार सिंह द्वारा निर्देशित किया गया कि सभी ड्यूटी डॉक्टर इनडोर एवं आउटडोर मरीजों का समुचित रिकॉर्ड हस्ताक्षर, तिथि एवं समय सहित नियमित रूप से संधारित करें. इसके अतिरिक्त Labour Room, Blood Storage Room (BST Room), Operation Theatre (OT) एवं Cold Chain Room से संबंधित सभी आवश्यक रजिस्टर एवं तापमान अभिलेखों (टेंपरेचर रिकॉर्ड) को नियमित रूप से अपडेट रखने के निर्देश दिए गए. बैठक में अस्पताल परिसरों की स्वच्छता, पेयजल, विद्युत व्यवस्था, आवश्यक मशीनों की कार्यशीलता और एम्बुलेंस सेवाओं की उपलब्धता के समुचित रखरखाव पर भी विशेष जोर दिया गया.
अनावश्यक रेफरल केसों पर कड़ा एक्शन, सेम-डे रिपोर्टिंग का आदेश
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने हेतु Referral, OT एवं Delivery Monitoring System को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए. उपायुक्त महोदय ने कहा कि प्रत्येक referral एवं critical case में स्पष्ट कारण अंकित किया जाए तथा सभी maternal एवं child referral cases की same-day reporting अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए. इसके साथ ही, रेफरल केसों का नियमित follow-up एवं outcome tracking करने तथा अनावश्यक रूप से मरीजों को रेफर करने की पहचान कर संबंधित स्तर पर जवाबदेही निर्धारित करने के निर्देश दिए गए.
सी-सेक्शन ओटी और ऑक्सीजन की सतत उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश
बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि सभी स्वास्थ्य संस्थानों में C-Section OT, Labour Room एवं Mother & Newborn Care Unit की कार्यशीलता, संक्रमण नियंत्रण, ऑक्सीजन, बिजली एवं जलापूर्ति की सतत उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जाए. उपायुक्त ने अंत में स्पष्ट निर्देश दिया कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी पदाधिकारियों को गंभीरता एवं तत्परता के साथ कार्य करना होगा.


