उदित वाणी,धनबाद: कोयलांचल की सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में धनबाद पुलिस ने एक बड़ा कदम उठाया है. धनबाद पुलिस लाइन में आयोजित तीन दिवसीय ड्रोन प्रशिक्षण कार्यक्रम का बुधवार को समापन हुआ. इस विशेष ट्रेनिंग में पुलिस पदाधिकारियों से लेकर जवानों तक, कुल 200 से अधिक कर्मियों ने हिस्सा लिया और ड्रोन संचालन की तकनीकी बारीकियों को सीखा.
तीन दिनों तक चला सघन प्रशिक्षण
इस तीन दिवसीय कार्यक्रम में पुलिसकर्मियों ने ड्रोन उड़ाने के साथ-साथ ड्रोन ऑपरेशन, सुरक्षा मानकों और आपातकालीन परिस्थितियों में इसके प्रभावी उपयोग के गुर सीखे. प्रशिक्षण के दौरान जवानों में काफी उत्साह देखा गया. ट्रेनर राजा ठाकुर ने बताया कि आधुनिक पुलिसिंग में ड्रोन एक गेम-चेंजर साबित होगा.
सुरक्षा और सतर्कता में ड्रोन के फायदे
ट्रेनर के अनुसार, ड्रोन के माध्यम से पुलिस को निम्नलिखित लाभ होंगे:
भीड़-भाड़ वाले इलाकों की निगरानी: मेलों, रैलियों और त्योहारों के दौरान भीड़ पर नजर रखना आसान होगा.
गुप्त सूचनाएं: अपराधियों की गतिविधियों और संदिग्ध ठिकानों की गुप्त जानकारी जुटाने में मदद मिलेगी.
संवेदनशील क्षेत्र: दंगों या तनाव की स्थिति में संवेदनशील इलाकों की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग संभव होगी.
संकरी गलियों और जंगलों में मददगार
प्रशिक्षण में शामिल तोपचांची थाना के ASI दिनेश पाण्डेय ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि कई बार संकरी गलियों, घने जंगलों या ऊबड़-खाबड़ रास्तों के कारण पैदल गश्त या जांच में परेशानी होती है. ऐसे में ड्रोन के जरिए किसी भी इमारत की छत या झाड़ियों में छिपे अपराधियों का पता आसानी से लगाया जा सकेगा.
कानून व्यवस्था होगी और भी मजबूत
तकनीक के इस समावेश से धनबाद पुलिस अब पहले से अधिक हाई-टेक और प्रभावी नजर आएगी. यह पहल न केवल अपराध नियंत्रण में सहायक होगी, बल्कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की “तीसरी आंख” के रूप में काम करेगी.


