
उदित वाणी, जमशेदपुर : उपायुक्त श्री कर्ण सत्यार्थी ने शनिवार को जिला कोषागार (Treasury) का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने सरकारी धन की निकासी और भुगतान की पूरी प्रक्रिया की गहन समीक्षा की. उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि कोषागार जिला की वित्तीय स्थिति का ‘ब्रेन’ होता है, इसलिए यहाँ से होने वाली प्रत्येक निकासी नियमों के अनुकूल होनी चाहिए.
डीडीओ बिलों की होगी गहन जांच
उपायुक्त ने कोषागार पदाधिकारी को निर्देशित किया कि निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों (DDOs) द्वारा भेजे गए प्रत्येक विपत्र (Bill) की सूक्ष्मता से जांच की जाए. उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना अनिवार्य है कि बिल ‘कोषागार संहिता’ के नियमों के अनुरूप हों और निकासी केवल आवंटित राशि के दिशा-निर्देशों के आलोक में ही की जा रही हो.
वेतन और पेंशन भुगतान के लिए कड़े मानक
कर्मियों के मानदेय, वेतन और पेंशन भुगतान में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए उपायुक्त ने निम्नलिखित निर्देश दिए:
• कार्यरत होने की पुष्टि: वेतन भुगतान से पूर्व यह सुनिश्चित किया जाए कि कर्मी वास्तव में कार्यालय में कार्यरत है. इसके लिए नाम, पदनाम और जन्म तिथि का मिलान ऑनलाइन डेटा या सर्विस बुक से किया जाए.
• बैंक खाता सत्यापन: किसी भी प्रकार के भुगतान से पहले कर्मी के बैंक खाता संख्या का सत्यापन उसके पासबुक या चेक के आधार पर अनिवार्य रूप से किया जाए.
• पे-स्लिप अनिवार्य: वेतन भुगतान केवल पे-स्लिप या सर्विस बुक में अंकित लेखा सत्यापन के आधार पर ही होगा.
पीएल खाते और बजट सरेंडर की समीक्षा
उपायुक्त ने कोषागार पदाधिकारी एवं कर्मचारियों से बुक ट्रांसफर, सब-अलॉटमेंट और फ्रेश अलॉटमेंट की जानकारी ली. उन्होंने जिले के सभी पीएल अकाउंट (PL Account) और पीएल सब-हेड का पूरा विवरण मांगा.
• बजट सरेंडर: वैसी राशि जो खर्च नहीं हो पाएगी, उन्हें संबंधित विभाग से समन्वय बनाकर तत्काल सरेंडर कराने का निर्देश दिया गया.
• नियमित समीक्षा: उन्होंने प्रत्येक सप्ताह एसी/डीसी (AC/DC) विपत्र समायोजन और पीएल खातों की अनिवार्य समीक्षा करने को कहा.
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने कर्मियों की उपस्थिति और उनकी प्रतिनियुक्ति अवधि की भी जानकारी ली. मौके पर कोषागार पदाधिकारी श्री सीताराम प्रसाद और जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्री पंचानन उरांव उपस्थित थे.

