
उदित वाणी, चाकुलिया: पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने सोमवार को चाकुलिया प्रखंड का सघन दौरा किया. इस दौरान उन्होंने जमुआ और चंदनपुर पंचायत के विभिन्न गांवों में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का जमीनी स्तर पर निरीक्षण किया. उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा.
पंचायतों में विकास कार्यों का जायजा और सीधा संवाद
उपायुक्त ने प्रखंड के माचाडीह, शाखाभांगा, झरिया और जामुआ गांवों का भ्रमण कर विकास योजनाओं की प्रगति देखी. निरीक्षण के दौरान उन्होंने ग्रामीणों और लाभुकों से सीधा संवाद किया. उन्होंने पूछा कि योजनाओं का लाभ उन्हें समय पर मिल रहा है या नहीं. मौके पर उप विकास आयुक्त श्री नागेन्द्र पासवान, बीडीओ सुश्री आरती मुंडा और अंचलाधिकारी (CO) भी उपस्थित थे.
आवास योजनाओं में तेजी और समयबद्ध भुगतान
उपायुक्त ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), अबुआ आवास योजना और कूप निर्माण कार्यों की समीक्षा की.
• लाभुकों को निर्देश: उन्होंने लाभुकों से कहा कि आवास की किस्त मिलते ही उसे तुरंत निर्माण कार्य में लगाएं.
• अधिकारियों को निर्देश: जिओ टैग (Geo-tag) के बाद नियमित अंतराल पर भुगतान सुनिश्चित करने और निर्माण कार्य की निरंतर मॉनिटरिंग करने का आदेश दिया गया. लंबित आवासों को निर्धारित समय सीमा में पूर्ण करने की चेतावनी दी गई.
आंगनबाड़ी और स्कूलों के लिए ‘एक माह’ का अल्टीमेटम
प्रखंड मुख्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में उपायुक्त ने बच्चों के भविष्य को लेकर बड़ा निर्देश दिया.
• आधार और जन्म प्रमाण पत्र: सभी पंचायत सचिवों को आदेश दिया गया कि आंगनबाड़ी और स्कूलों में नामांकित जिन बच्चों का आधार कार्ड या जन्म प्रमाण पत्र नहीं बना है, उन्हें एक माह के भीतर प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराएं.
• पोषण ट्रैकर: आंगनबाड़ी सेविकाओं को बच्चों का वजन और स्वास्थ्य संबंधी आंकड़े नियमित रूप से ‘पोषण ट्रैकर’ में दर्ज करने का निर्देश दिया गया.
रोजगार और जनसुविधाओं पर विशेष फोकस
• मनरेगा: रोजगार सेवकों की हड़ताल के कारण विकास कार्य प्रभावित न हों, इसके लिए ‘मेट’ (Mate) को सक्रिय करने का निर्देश दिया गया.
• रसोई गैस: एमओ (MO) को प्रखंड में रसोई गैस की सुगम आपूर्ति सुनिश्चित करने और कालाबाजारी पर सख्ती बरतने को कहा गया.
• पशुधन एवं चिकित्सा: प्रखंड कल्याण पदाधिकारी को चिकित्सा अनुदान के आवेदन बढ़ाने और पशु चिकित्सा पदाधिकारी को पशुधन वितरण का शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने का निर्देश दिया गया.

