
सासंद विद्युत महतो ने लोकसभा में उठाया मामला
उदित वाणी जमशेदपुर : सांसद विद्युत वरण महतो ने लोकसभा में नियम 377 के अधीन सूचना देते हुए सरकार का ध्यान एक महत्वपूर्ण विषय की ओर आकृष्ट कराया. सांसद ने कहा कि पूर्वी सिंहभूम जिला अन्तर्गत सुवर्णरेखा परियोजना के गालूडीह बॉबी मुख्य नहर के किमी 7.03 से किमी 10.23 के बीच विगत 9 वर्षों से निर्माण कार्य अधूरा रहने के कारण लगभग 65 किमी लंबे नहर से किसानों को सिंचाई की सुविधा नहीं उपलब्ध हो पा रही है.
इस नहर के एक भाग के निर्माण कार्य के लिए मेसर्स शिव इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को वर्ष 2013-14 में 85 करोड़ रुपये आवंटित किये गये थे जिसे दो वर्ष में पूरा करना था. परंतु 9 वर्ष बीत जाने के बाद अब तक मात्र 50 प्रतिशत कार्य पूरा हुआ है तथा संबंधित के खिलाफ राज्य सरकार द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है. उक्त संबंध में मुख्य अभियंता चांडिल काम्पलेक्स जमशेदपुर के द्वारा मार्च 2022 में की गई अनुशंसा के आलोक में कार्य के संवेदक को जल संसाधन विभाग, झारखंड सरकार द्वारा पत्रांक 269, दिनांक 23.06.2022 द्वारा 31.03.2023 तक समय की वृद्धि की स्वीकृति प्रदान की गई है.
जबकि इकरारनामा के प्रावधानों के अनुसार इस कार्य के इकरारनामा को विखंडित कर जमानत की राशि जब्त करने की कार्रवाई होनी चाहिए थी. जल संसाधन विभाग, झारखण्ड द्वारा समय वृद्धि की स्वीकृति के उपरांत संवेदक को इस्केलेशन मद में बड़ी राशि का भुगतान कर कथित रूप से सरकारी राजस्व की क्षति पहुंचाई गई है. विदित हो कि समय की वृद्धि होने के बाद भी उक्त संवेदक द्वारा कार्य को पूरा नहीं किया गया है. अत: जल शक्ति मंत्रालय किसानों की कठिनाइयों को देखते हुए उक्त कार्य को अविलंब पूरा कराए.
