
उदित वाणी, चांडिल/सरायकेला: चांडिल वन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कुकडू प्रखंड में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है. शनिवार सुबह तिरुलडीह पंचायत के सापारुम गांव में हाथियों के हमले में एक 60 वर्षीय बुजुर्ग की दर्दनाक मौत हो गई. इस घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत और वन विभाग के प्रति भारी आक्रोश व्याप्त है.
शौच के लिए गए बुजुर्ग पर 6 हाथियों ने किया हमला
मृतक की पहचान सापारुम गांव के तांती टोला निवासी राधा तांती (60) के रूप में हुई है. जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह राधा तांती घर से कुछ दूर जंगल की ओर शौच के लिए गए थे. इसी दौरान उनका सामना हाथियों के एक झुंड से हो गया. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, लगभग छह हाथियों ने बुजुर्ग को घेरकर उन पर हमला कर दिया, जिससे घटनास्थल पर ही उनकी जान चली गई.
वन विभाग ने दिया 50 हजार का तत्काल मुआवजा
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुँची. ग्रामीणों की नाराजगी और विरोध प्रदर्शन के बीच अधिकारियों ने परिजनों को सांत्वना दी. वन विभाग ने सरकारी प्रावधान के तहत तत्काल सहायता के रूप में 50,000 रुपये नकद प्रदान किए हैं. विभाग ने आश्वासन दिया कि शेष मुआवजा राशि आधिकारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल्द ही दी जाएगी. इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया.
एक महीने से इलाके में डेरा डाले हुए है हाथियों का झुंड
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले एक महीने से हाथियों का दल तिरुलडीह और आसपास के गांवों में सक्रिय है. हाथियों ने न केवल जानमाल का नुकसान किया है, बल्कि खेतों में खड़ी फसलों को भी भारी क्षति पहुँचाई है. ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद वन विभाग द्वारा हाथियों को खदेड़ने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए, जिसका खामियाजा आज एक बुजुर्ग को अपनी जान देकर भुगतना पड़ा.

