उदित वाणी, जमशेदपुर: आदिवासी भूमिज मुंडा चुआड़ सेना, झारखंड प्रदेश के एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को रांची स्थित झारखंड लोकभवन में राज्यपाल से शिष्टाचार भेंट की। इस मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने आदिवासी भूमिज समाज से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण और संवेदनशील मुद्दों पर राज्यपाल के साथ विस्तृत एवं सकारात्मक संवाद किया।
राज्यपाल को भेंट की ‘भूमिज रिवॉल्ट’ पुस्तक
वार्ता के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने प्रसिद्ध इतिहासकार डॉ. जगदीश चंद्र झा द्वारा लिखित पुस्तक “भूमिज रिवॉल्ट” राज्यपाल को भेंट की। इसके माध्यम से उन्होंने राज्यपाल को भूमिज समाज के गौरवशाली इतिहास, उनके संघर्षों और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से विस्तारपूर्वक अवगत कराया।
रघुनाथ महतो की प्रतिमा और माल्यार्पण पर जताई सामाजिक चिंता
भेंट वार्ता के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने बीते 13 मई 2026 को पूर्व सांसद शैलेंद्र महतो द्वारा राज्यपाल को रघुनाथ महतो की प्रतिमा भेंट किए जाने तथा लोकभवन परिसर में माल्यार्पण किए जाने से उत्पन्न हुए सामाजिक चिंता के विषय को अत्यंत सम्मानपूर्वक उठाया।
विवाद का मुख्य कारण: प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल के समक्ष स्पष्ट रूप से कहा कि आदिवासी भूमिज समाज रघुनाथ महतो को चुआड़ विद्रोह का महानायक नहीं मानता है। इस विषय को लेकर सिविल कोर्ट, रांची में मामला पहले से ही विचाराधीन है।
प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को सौंपा विस्तृत आवेदन पत्र
चुआड़ सेना की ओर से मानिक सिंह सरदार ने समाज की चिंताओं और ऐतिहासिक तथ्यों को विस्तार से राज्यपाल के समक्ष रखा। इसके साथ ही प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को एक विस्तृत आवेदन पत्र (ज्ञापन) भी सौंपा, जिसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगें की गईं:
पुनर्विचार की मांग: जब तक न्यायालय में लंबित मामले का अंतिम निर्णय नहीं आ जाता, तब तक किसी भी प्रकार की आधिकारिक मान्यता या सार्वजनिक सम्मान देने पर पुनर्विचार किया जाए।
संवैधानिक मर्यादा की रक्षा: झारखंड लोकभवन जैसे गरिमामयी और संवैधानिक स्थल की तटस्थता व शुचिता बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।
प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष का विरोध करना कतई नहीं है, बल्कि वे केवल न्यायिक प्रक्रिया, संवैधानिक मर्यादा और आदिवासी समाज की भावनाओं का सम्मान सुनिश्चित कराना चाहते हैं।
राज्यपाल ने दिया मौखिक आश्वासन, माहौल रहा सौहार्दपूर्ण
राज्यपाल के साथ हुई यह शिष्टाचार भेंट बेहद सौहार्दपूर्ण एवं सकारात्मक माहौल में संपन्न हुई। प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनने के बाद राज्यपाल ने मौखिक रूप से आश्वस्त किया कि लोकभवन परिसर में किसी भी प्रकार की प्रतिमा स्थापना को लेकर अब तक कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई है।
अंत में, आदिवासी भूमिज मुंडा चुआड़ सेना ने राज्यपाल का बहुमूल्य समय देने और संवेदनशीलता के साथ इस गंभीर विषय को सुनने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्यपाल न्यायिक प्रक्रिया और समाज की भावनाओं का सम्मान करते हुए उचित मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल सदस्य
इस महत्वपूर्ण मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से निम्नलिखित लोग शामिल थे:
मानिक सिंह सरदार, रामू सरदार, निर्मल सरदार, मोनिका भूमिज, निवारण सरदार, पार्वती सरदार, सागर सरदार, विभूति सरदार, हरा सरदार


