उदित वाणी, जमशेदपुर: झारखंड के जमशेदपुर अंतर्गत सोनारी थाना क्षेत्र से दहेज उत्पीड़न, मारपीट और धोखे से दूसरी शादी रचाने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। प्रख्यात कथावाचक प्रदीप मिश्रा की शिष्या बताई जा रही रंजीता वर्मा समेत पूरे ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगे हैं। पीड़िता हेमलता ने इस संबंध में सोनारी थाना और वरीय पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत सौंपकर न्याय और कार्रवाई की मांग की है।
मकान मरम्मत के नाम पर 5 लाख की मांग, गर्भावस्था में निकाला बाहर
पीड़िता हेमलता के अनुसार, उसका विवाह नोआमुंडी निवासी कुंदन वर्मा के साथ पारिवारिक सहमति से संपन्न हुआ था। शादी के वक्त मायके वालों ने करीब दो लाख रुपये नकद और लगभग तीन लाख रुपये मूल्य का सामान उपहार स्वरूप दिया था।
आरोप है कि विवाह के कुछ दिनों बाद ही ससुराल वालों की नीयत बदल गई और उन्होंने मकान मरम्मत का बहाना बनाकर पांच लाख रुपये की अतिरिक्त नकदी की मांग शुरू कर दी। जब हेमलता ने इसका विरोध किया, तो गर्भावस्था के दौरान ही उसे बेरहमी से घर से बाहर निकाल दिया गया। बाद में सामाजिक समझौते के तहत पीड़िता के पिता ने एक लाख रुपये दिए, लेकिन ससुराल वाले बाकी के चार लाख रुपये के लिए लगातार दबाव बनाते रहे।
‘तंत्र-मंत्र’ का जल, भभूत और एक्सपायर्ड दवाइयां पिलाने का आरोप
मामले में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा करते हुए हेमलता ने बताया कि जब वह वापस ससुराल पहुंची, तो रंजीता वर्मा ने कथित रूप से तंत्र-मंत्र से जुड़ा जल, बेलपत्र, भभूत और एक्सपायर्ड (अवधि पार) दवाइयां उसे जबरन पिलानी शुरू कर दीं। रंजीता का दावा था कि ऐसा करने से परिवार सुखी रहेगा। पीड़िता का आरोप है कि इन संदिग्ध चीजों के लगातार सेवन के कारण उसकी मानसिक स्थिति बिगड़ने लगी थी।
पति घर ले आया दूसरी पत्नी, विरोध करने पर सोनारी में घुसकर मारपीट
मामले में मोड़ तब आया जब पीड़िता का पति कुणाल वर्मा (कुंदन वर्मा) एक अन्य महिला और बच्चे को लेकर घर पहुंचा। जब हेमलता ने इसका विरोध किया, तो उसने उस महिला को अपनी पत्नी बताया और तीनों के साथ रहने का दबाव बनाने लगा। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि बेटी के जन्म लेने के बाद से ससुराल पक्ष का व्यवहार और ज्यादा आक्रामक हो गया था।
हेमलता ने पुलिस को बताया कि 19 अप्रैल की सुबह ससुराल पक्ष के लोग सोनारी स्थित घर में जबरन घुस आए और उसके साथ जमकर मारपीट की। शोर-शराबा सुनकर आसपास के स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और किसी तरह उसकी जान बचाई। इस घटना के बाद लहूलुहान हालत में उसका इलाज (MGM) अस्पताल में कराया गया। पीड़िता का कहना है कि 2 मई को सोनारी थाने में लिखित शिकायत देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद मजबूर होकर उसने नगर पुलिस अधीक्षक से मिलकर न्याय की गुहार लगाई है।


