
उदित वाणी, सरायकेला: सरायकेला–खरसावाँ: जिले के शैक्षणिक परिदृश्य को बदलने और बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक अनूठी पहल की है. सरायकेला–खरसावाँ के उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह द्वारा आज “हातुरेन होरो (गाँव का हीरो)” अभियान का विधिवत शुभारंभ किया गया. यह अभियान जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में चलाया जा रहा है.
अभियान का मुख्य उद्देश्य: उपस्थिति और पुनर्वापसी
“हातुरेन होरो” अभियान का प्राथमिक लक्ष्य विद्यालयों में विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना है. इसके साथ ही, प्रशासन का विशेष जोर उन बच्चों पर है जो किन्हीं कारणों से ड्रॉपआउट (स्कूली शिक्षा बीच में छोड़ना) हो गए हैं. इस अभियान के माध्यम से ऐसे बच्चों की पहचान कर उन्हें पुनः विद्यालयों की ओर आकर्षित करने और उनका नामांकन सुनिश्चित करने की रणनीति बनाई गई है.
विद्यार्थी बनेंगे “गाँव के हीरो”
अभियान के शुभारंभ के दौरान उपायुक्त ने दो विशेष विद्यार्थियों को बैज पहनाकर सम्मानित किया. ये चयनित विद्यार्थी अपने-अपने विद्यालयों में न केवल नियमित उपस्थिति का उदाहरण पेश करेंगे, बल्कि रोल मॉडल के रूप में अन्य बच्चों को भी स्कूल आने के लिए प्रेरित करेंगे.
उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह ने कहा कि:
“यह अभियान बच्चों के भीतर जिम्मेदारी की भावना विकसित करने की एक प्रभावी पहल है. जब बच्चे ही बच्चों को प्रेरित करेंगे, तो इसका प्रभाव गहरा और सकारात्मक होगा.”
ड्रॉपआउट मुक्त जिले का संकल्प
उपायुक्त ने जिले के सभी विद्यार्थियों से भावुक अपील करते हुए कहा कि वे अपने आस-पड़ोस और गांव में ऐसे बच्चों की पहचान करें जो स्कूल नहीं जा रहे हैं. उन्होंने जोर दिया कि शिक्षा हर बच्चे का अधिकार है और किसी भी कारणवश कोई भी बच्चा इससे वंचित नहीं रहना चाहिए. अभियान के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले और नियमित रहने वाले छात्रों को समय-समय पर सम्मानित किया जाएगा, ताकि शिक्षा के प्रति एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और उत्साह का माहौल बना रहे.
सरायकेला-खरसावाँ जिला प्रशासन की यह पहल न केवल साक्षरता दर बढ़ाने में मददगार साबित होगी, बल्कि “हातुरेन होरो” के माध्यम से ग्रामीण स्तर पर शिक्षा के प्रति एक सामाजिक जागरूकता भी पैदा करेगी.

