उदित वाणी, झारखंड : झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में बुधवार को रामनवमी के जुलूस में डीजे बजाने पर लगी पाबंदी का मामला गरमाया। जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक इस विषय को लेकर सरकार पर हमलावर हो गए और जोरदार नारेबाजी करने लगे।
विपक्ष ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार एक विशेष समुदाय को निशाना बना रही है और हिंदुओं की धार्मिक परंपराओं के साथ खिलवाड़ कर रही है। लगातार शोर और हंगामे के कारण सदन की कार्रवाई कई बार बाधित हुई।
भाजपा विधायक नवीन जायसवाल ने सदन में मोर्चा खोलते हुए कहा कि रामनवमी जैसे प्रमुख त्योहार पर डीजे पर रोक लगाना पूरी तरह भेदभावपूर्ण है। उन्होंने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जानबूझकर बहुसंख्यक समाज की सांस्कृतिक और धार्मिक प्रथाओं को रोकने का प्रयास किया जा रहा है।
नवीन जायसवाल के इस बयान पर सत्ता पक्ष के सदस्यों ने तीव्र प्रतिक्रिया दी, जिससे सदन में झड़पें शुरू हो गईं। भाजपा विधायक इस दौरान ‘आसन’ के पास आकर नारेबाजी करने लगे। विपक्ष के आरोपों के जवाब में कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने कहा कि कुछ लोग समाज में नफरत फैलाने और धार्मिक मामलों को राजनीतिक एजेंडा में बदलने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि नियम और कानून सभी के लिए समान हैं और इसे किसी एक समुदाय से जोड़कर देखना गलत है। बढ़ते शोर-शराबे को देखते हुए स्पीकर रवींद्रनाथ महतो ने कड़ी नाराजगी जताई और सदस्यों से अपील की कि सदन अब तक व्यवस्थित रूप से चल रहा था, लेकिन ऐसे व्यवधानों से जनता के मुद्दों पर चर्चा प्रभावित हो रही है।
हजारीबाग से भाजपा विधायक प्रदीप प्रसाद ने इस मामले पर सदन के बाहर धरना दिया। उन्होंने हजारीबाग की विश्व प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय श्री चैत रामनवमी का उल्लेख करते हुए इसे ‘राजकीय महोत्सव’ घोषित करने की मांग की।
प्रदीप प्रसाद ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा, “हजारीबाग की रामनवमी अपनी भव्यता के लिए प्रसिद्ध है। प्रशासन जो भी करे, हजारीबाग में डीजे हर हाल में बजेगा। हम अपनी परंपराओं और आस्था के साथ समझौता नहीं करेंगे।” उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन जानबूझकर जुलूसों में रुकावट डाल रहा है, जिसे वह बर्दाश्त नहीं करेंगे।


