
उड़िया फिल्म के सुपरस्टार सिद्धांत महापात्र ने कहा – “यह झारखंड के लिए ऐतिहासिक क्षण, हर वर्ष रहूंगा सहभागी”
उदित वाणी, बहरागोड़ा: बहरागोड़ा के नेताजी शिशु उद्यान से सटे शाखा मैदान में सोमवार को भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सह आशीर्वाद कार्यक्रम के संयोजक डॉ दिनेशानंद गोस्वामी के नेतृत्व में 19 निर्धन कन्याओं का सामूहिक विवाह समारोहपूर्वक संपन्न हुआ।नव दंपतियों को आशीर्वाद देने के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंचे।समारोह स्थल पर एक साथ 19 मंडपो में 19 पुरोहितों ने 19 जोड़ियों की हिंदू रीति रिवाज के साथ विवाह संपन्न कराया। सात फेरों एवं माला बदल के साथ नव दंपतियों ने शराब और घरेलू हिंसा से दूर रहने की शपथ भी ली। बहरागोड़ा के शमशान चौक स्थित निगमानंद आश्रम से सुबह 11:00 बजे एक साथ 19 दूल्हों को गाजे–बाजे के साथ विवाह मंडप तक लाया गया।युवा मंडली द्वारा बैंड बाजे के साथ डांस किया।कार्यक्रम के संयोजक डॉ दिनेशानंद गोस्वामी एवं मुख्य अतिथि उड़ीसा के विख्यात अभिनेता सिद्धांत महापात्र ने बारातियों का भव्य स्वागत किया।विभिन्न चौक चौराहों होते हुए बारात विवाह स्थल तक पहुंची। विभिन्न जगहों पर आतिशबाजी भी की गयी। विवाह मंडप में शहनाई बज रही थी।कन्याओं को कान की बाली,अलमीरा,गद्दा तकिया का सेट,साड़ी,घरेलू उपयोग के सामग्री, 10 किलो लड्डू तथा वधु को कपड़ा का सेट एवं अन्य सामान देकर विदाई दी गयी।विवाह मंडप में एक ऐसा पल था जिसमें कई लोग सामूहिक विवाह में भाग लेकर अपने आप में खुशी महसूस कर रहे हैं तो कई लोग भावुक हो उठे। डॉ गोस्वामी समेत अतिथियों द्वारा 19 मंडप पर बैठकर नव दंपति को आशीर्वाद दिया तथा कन्यादान किया।
19 जोड़ियों ने एक साथ लिया फेरा:-
19 मंडपो में एक साथ 19 जोड़ियों ने सात फिरा लिया।शादी के बाद सभी जोड़ियों को उपहार के साथ मिठाई देकर विदाई दी गयी।शादी में पुरोहितों सुमन मिश्रा, तपन आचार्य,आद्यपद पांडा,पतित पावन पांडा,रुद्र प्रताप पांडा,हरिहर महापात्र, तपन पांडा,चंद्रशेखर पांडा, रणजीत मिश्रा,दुर्गा किंकर बटव्याल,विवेक दुबे,सबल पांडा,जयंत पाणिग्राही, असित आचार्य,मनौतन दुबे,ठाकुर, मुंडा समाज के पाहन गुरु बसंत सिंह मुंडा,पूर्ण चंद्र सिंह मुंडा,रघुनाथ सिंह मुंडा,महादेव सिंह मुंडा,सपन सिंह मुंडा आदि ने हिंदू रीति रिवाज से विवाह संपन्न कराया.
शंख ध्वनि से गूंज उठा विवाह मंडप:-
कार्यक्रम स्थल से कुछ ही दूर इंचरासोली स्थित डॉ गोस्वामी की आवास से 19 कन्या सज धज कर तैयार हुई।जब बारात विवाह मंडप पहुंची तब सभी दुल्हनों को शंख ध्वनि के बीच विवाह मंडप पहुंची।महिला नेत्रीओं द्वारा शंख ध्वनि के बीच विवाह मंडप तक लाया गया।इस दौरान अनेक महिलाएं उलूधवनी भी दे रही थी। महिला नेत्र काजल महाकुड़, ज्योत्सनामई बेरा,अर्चना माईती,प्रीतिका महापात्र,मंजुला पलाई,मामूनी दास,काजल महाकुड़,बिना पात्र,कल्पना शीट,टोली मुर्मू, शकुंतला महतो,सकेशी नायक,नंदिता घोष,शिवानी पैड़ा निहारिका मन्ना,सुलेखा बेरा, मौमिता माईती,मानसी पाल, शुक्ला घोष,शुक्ला बेरा, भानुप्रिया नायक आदि समेत कई ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाया.
महिलाओं ने दूल्हे का किया वरन:-
जब बारात विवाह मंडप पहुंचा तो महिलाओं ने शंख ध्वनि के साथ स्वागत किया.उसके बाद मुख्य द्वार में एक एक वर को वरन कर मुंह मीठा कराया गया. उसके बाद अपने-अपने वेदियो पर जाकर बैठाया गया.उसके बाद विवाह का शुभारंभ हुआ.
प्रीतिभोज में शामिल हुए हजारों लोग:-
विवाह मंडप के पास नेताजी शिशु उद्यान में प्रीतिभोज की व्यवस्था की गई सदस्यों के मुताबिक करीब 15000 लोगों के लिए भोजन व्यवस्था की गयी थी.लगभग 12:00 बजे से ही भोजन करना शुरू किया गया.जो देर शाम तक चला। प्रीतिभोज की व्यवस्था को सफल बनाने में वकील घोष, भूदेव ओझा,गोपाल साव, आशुतोष कुईला,दीपेन मन्ना, वन बिहारी साहू,सत्यवान पैड़ा सुनील पैड़ा,अशोक पैड़ा निर्मल जाना,समीर सेनापति
आदि समेत कई लोगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाया.
बेटी क्यों होती है परायी धन संगीत पर भावुक हुए लोग:-
विवाह समाप्त के बाद अतिथियों द्वारा नव दंपति को उपहार सामग्री देकर सुखी में जीवन व्यतीत करने का आशीर्वाद दिया. उसके बाद बेटी क्यों होती है परायी धन संगीत के साथ विदाई दी गयी.लोग भावुक हो गए बेटियों के परिवार बाले रोने लगे इस विवाह लोगों के लिए ऐतिहासिक पल रहा.
अब तक 224 कन्याओं की हुई शादी:-
डॉ गोस्वामी के पहल पर अब तक बहरागोड़ा में सामूहिक विवाह में 224 गरीब असहाय कन्याओं की शादी धूम के धूम धाम के साथ संपन्न कराया गया है।डॉ गोस्वामी ने कहा कि यह कार्यक्रम आगे भी जारी रहेगा.डॉ गोस्वामी द्वारा इस प्रकार का पहल को स्थानीय लोग सराहनीय कर रहे हैं. कार्यक्रम को सफल बनाने में राजकुमार कर, भूपति नायक,भक्तिश्री पंडा, हेमकांत भुइयां,मुन्ना पाल,दुर्गा गिरी, कौशिक माईती,महादेव बैठा, श्रीवत्स घोष,कमलेश साव, यादव पात्र, समीर सेनापति,राजू महतो,कविंद्र कुंडू,दिवाकर शर्मा,भक्तश्री पंडा,उत्पल पैड़ा,मानिक राय आदि समेत कई सदस्य जुटे हुए थे.
मंचासीन अतिथि रिंकू सिंह, संतोष महंती,देवेंद्र सिंह, श्रीकांत साहू,चंडी चरण साहू संजीव सिंहा,अर्धेंदु प्रहराज, मनोज गिरी,रंजीत कुमार, बाला सुमन कल्याण मंडल, चंदन मुर्मू,लक्ष्मीकांत साहू, महादेव बैठा,शुभेंदु पात्र, बाबलू प्रसाद,सुभदीप दास, सीताराम कुमार, गीता मुर्मू
आदि समेत कई शामिल थे.
मंच का संचालन बाप्तू साव ने किया. सभी अतिथियों को अंग वस्त्र एवं गुलदस्ता देखकर स्वागत किया गया.
अभिनेता सिद्धांत महापात्र ने गया संगीत झूमे श्रोता
अभिनेता सिद्धांत महापात्र ने सामूहिक विवाह समापन के बाद मंच में एक से बढ़कर एक संगीत प्रस्तुत किया. उन्होंने रहीं छी रही भी तोर पाई जैसे एक से बढ़कर एक संगीत प्रस्तुत किया उपस्थित श्रोताओं ने ताली की गड़गड़ाहट से मंच गूंज उठा.
सिद्धांत महापात्र का संदेश: “समाज के प्रति जिम्मेदारी का अनुपम उदाहरण”
मुख्य अतिथि सिद्धांत महापात्र ने कहा,
“डॉ. गोस्वामी समाज के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं। कमजोर वर्ग की बेटियों के उत्थान के लिए 10 वर्षों से निरंतर सामूहिक विवाह आयोजन अपने आप में कीर्तिमान है।”
उन्होंने इसे झारखंड के लिए ऐतिहासिक क्षण बताते हुए कहा कि युवा पीढ़ी को इस सामाजिक दायित्व से प्रेरणा लेनी चाहिए।
“मैं हर वर्ष इस महायज्ञ में सहभागी बनने की इच्छा रखता हूं। यह केवल विवाह नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने का उत्सव है।”
समारोह के समापन पर उन्होंने मंच से अपने लोकप्रिय गीत प्रस्तुत किए, जिस पर श्रोताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया और पूरा पंडाल झूम उठा।
डॉ. दिनेशानंद गोस्वामी का संबोधन: “दहेज मुक्त समाज की ओर मजबूत कदम”
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. दिनेशानंद गोस्वामी ने कहा,
“गरीब बेटियों के लिए सामूहिक विवाह वरदान है। कन्यादान करना महायज्ञ के समान है। यह आयोजन केवल विवाह नहीं, बल्कि समाज को नई दिशा देने का प्रयास है।”
उन्होंने दहेज प्रथा को सामाजिक अभिशाप बताते हुए कहा कि इस तरह के सामूहिक विवाह दहेज के खिलाफ मजबूत संदेश देते हैं। बाल विवाह के विरुद्ध चेतावनी देते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि 18 वर्ष से कम उम्र की बेटियों की शादी कराना कानूनन अपराध है।
उन्होंने अभिभावकों से बेटियों को शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाने की अपील की।
“पिछले 10 वर्षों में 224 गरीब कन्याओं का विवाह कराया जा चुका है। यह सेवा आगे भी निरंतर जारी रहेगी,” उन्होंने दृढ़ संकल्प दोहराया।

