
उदित वाणी, चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से समाहरणालय सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त चंदन कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े आंकड़ों, जागरूकता अभियानों और दंडात्मक कार्रवाइयों की विस्तृत समीक्षा की गई।
दुर्घटनाओं का विश्लेषण और गूगल मैप की मदद
बैठक में जिला परिवहन पदाधिकारी ने बताया कि मार्च 2026 तक जिले में कुल 68 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गई हैं। उपायुक्त ने इन आंकड़ों की गंभीरता से समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि दुर्घटना स्थलों और उनमें शामिल वाहनों के प्रकार का अलग से डेटा तैयार किया जाए। साथ ही, पथ निर्माण विभाग के अभियंताओं को निर्देशित किया गया कि मुख्य सड़कों पर दबाव कम करने के लिए गूगल मैप (Google Maps) की सहायता से चारपहिया और दोपहिया वाहनों हेतु वैकल्पिक मार्गों की तलाश की जाए।
ब्लैक स्पॉट पर सुरक्षा और हेलमेट चेकिंग अभियान
जिले में चिन्हित ब्लैक स्पॉट (दुर्घटना संभावित क्षेत्र) का भौतिक निरीक्षण करने के बाद, उपायुक्त ने राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल-चाईबासा को निर्देश दिया कि मुख्य रास्तों, संकीर्ण मोड़ों, चौराहों और ढलान वाले स्थानों पर तत्काल सुरक्षा संकेतक (Signboards) लगाए जाएं।
सड़क सुरक्षा नियमों के अनुपालन हेतु उपायुक्त ने एक विशेष जांच दल (Special Drive Team) गठित करने का आदेश दिया है। यह टीम जिले के विभिन्न स्थानों पर प्रतिदिन स्थान बदल-बदल कर दो पहिया वाहन चालकों के हेलमेट की जांच करेगी और नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई करेगी।
हित एंड रन मामले और मुआवजा वितरण
समीक्षा के दौरान बताया गया कि अप्रैल 2022 से मार्च 2026 तक जिले में हिट एंड रन के कुल 151 मामले सामने आए हैं। इनमें से 75 मामलों में पीड़ितों या उनके आश्रितों को मुआवजा दिया जा चुका है। उपायुक्त ने शेष 76 लंबित मामलों के निष्पादन हेतु पुलिस और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर जल्द से जल्द वांछित दस्तावेज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, ताकि कोई भी पीड़ित परिवार सहायता से वंचित न रहे।
राजस्व संग्रहण और सेवादारों का सम्मान
बैठक में जानकारी दी गई कि मार्च 2026 में प्रवर्तन (Enforcement) के माध्यम से ₹10,02,700/- का राजस्व प्राप्त हुआ है। इसके अलावा, सड़क दुर्घटना में घायलों की मदद करने के लिए श्री त्रिशाणु राय, श्री गोवर्धन ठाकुर और श्री जुलूस कुजूर को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस बैठक में अपर उपायुक्त, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक, जिला परिवहन पदाधिकारी और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

