उदित वाणी, चाईबासा : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने अफीम तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने टेबो थाना क्षेत्र के रोगोद गांव में छापेमारी कर तीन तस्करों को रंगेहाथ गिरफ्तार किया है.
इस ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने तस्करों के पास से 20 किलो अवैध अफीम का डोडा, तस्करी में इस्तेमाल की जा रही दो मोटरसाइकिलें और 7 लाख रुपए बरामद किए हैं.
टेबो थाना प्रभारी सुशील कुमार मरांडी ने बताया कि जिला पुलिस कप्तान को गुप्त सूचना मिली थी कि रोगोद गांव के समीप जंगली इलाके में कुछ तस्कर अफीम की बड़ी खेप की खरीद-बिक्री के लिए जुटने वाले हैं.
सूचना के सत्यापन और त्वरित कार्रवाई के लिए थाना प्रभारी के नेतृत्व में एक विशेष सर्च अभियान दल का गठन किया गया. पुलिस टीम ने रोगोद गांव से सटे जंगल में रणनीतिक रूप से जाल बिछा दिया. जैसे ही तस्कर मादक पदार्थों की डील करने पहुंचे, पुलिस ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया.
खुद को घिरा देख आरोपियों ने बाइक छोड़कर घने जंगलों की आड़ में भागने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद पुलिस जवानों ने खदेड़कर तीनों को दबोच लिया. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रोगोद गांव निवासी बुद्धनाथ पूरती व सोमा हास्सा पूरती और कोटगढ़ा गांव निवासी मांगरा हुनी पूरती के रूप में की गई है.
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है. कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शुक्रवार को तीनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. थाना प्रभारी ने बताया कि टेबो थाना क्षेत्र का एक बड़ा हिस्सा सुदूरवर्ती और घने जंगलों से घिरा हुआ है, जिसका फायदा उठाकर कुछ ग्रामीण अंदरूनी इलाकों में छिपकर अफीम की अवैध खेती करते हैं. इस पूरे सिंडिकेट और अंतर-राज्यीय तस्करों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए पुलिस लगातार इनपुट जुटा रही है.
(आईएएनएस)


