
उदित वाणी, चाईबासा : चाईबासा सदर अस्पताल का ब्लड बैंक एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गया है. जिले के एक ही परिवार के तीन सदस्यों के एचआईवी पॉजिटिव पाए जाने के बाद परिजनों ने ब्लड बैंक पर एचआईवी संक्रमित रक्त चढ़ाने का गंभीर आरोप लगाया है. मामले की गंभीरता को देखते हुए रांची से स्वास्थ्य विभाग की छह सदस्यीय टीम बुधवार को चाईबासा सदर अस्पताल पहुंची और पूरे प्रकरण की जांच-पड़ताल की.
टीम ने अस्पताल पहुंचकर सिविल सर्जन, ब्लड बैंक प्रभारी सहित संबंधित अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली. ब्लड बैंक से जुड़ी फाइलों, रिकॉर्ड और अन्य कागजातों की भी बारीकी से जांच की गई. देर शाम तक जांच का सिलसिला चलता रहा.
जांच खत्म होने के बाद जब मीडिया कर्मियों ने टीम के अधिकारियों से मामले पर जानकारी लेनी चाही तो जांच अधिकारी पत्रकारों के सवालों से बचते हुए मुंह छिपाकर तेजी से बाहर निकलते नजर आए. किसी भी अधिकारी ने कैमरे पर आकर या आधिकारिक रूप से बयान देना उचित नहीं समझा.
सिविल सर्जन डॉ. भारती मिंज ने संक्षेप में बताया कि पूरे मामले की जांच चल रही है और फिलहाल कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है. उन्होंने कहा कि रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी. इधर, लगातार उठ रहे सवालों के बीच चाईबासा सदर अस्पताल के ब्लड बैंक की कार्यप्रणाली एक बार फिर कटघरे में खड़ी हो गई है और परिजनों के आरोपों से स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लग गया है.

