उदित वाणी, रांची : राज्य में फरवरी माह में संभावित नगर निकाय चुनाव में प्रत्याशी वार्ड सदस्य और महापौर अथवा अध्यक्ष दोनों पदों के लिए चुनाव लड़ सकता है. परंतु झारखंड नगरपालिका निर्वाचन एवं चुनाव याचिका नियमावली 2012 के नियम 18 [2] [ख] के अनुसार कोई भी प्रत्याशी नगरपालिका के किसी प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्र के पदधारी के रुप में एक से अधिक वार्डों से खड़ा नहीं हो सकता है. हालांकि प्रत्याशी एक साथ किसी वार्ड के सदस्य के अलावा नगर निगम क्षेत्र का होने पर महापौर और अन्य निकाय के क्षेत्र का होने पर वार्ड सदस्य के साथ-साथ अध्यक्ष के पद के लिए भी उम्मीदवार बन सकता है.
यह भी प्रावधान है कि कोई पात्र व्यक्ति संबंधित अपने शहरी निकाय क्षेत्र के किसी भी निर्वाचन क्षेत्र से उम्मीदवार हो सकता है. बशर्ते उसका नाम संबंधित निकाय के मतदाता सूची में हो तथा वह चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य न हो. वहीं प्रत्येक अभ्यर्थी अधिक से अधिक दो नामांकन पत्र दाखिल कर सकता है. वहीं राज्य निर्वाचन आयोग ने उम्मीदवारों द्वारा दाखिल किए जानेवाले नामांकन पत्र, प्रस्तावकों द्वारा भरे जानेवाले प्रपत्र, प्रत्येक दिन के नामांकन के बाद आयोग को भेजे जानेवाले प्रपत्र, समेकित नामांकन पत्र आदि का फारमेट तैयार कर जिलों को भेज दिया गया है. इसकी जानकारी निर्वाची पदाधिकारियों को भी दे दी गई है.
आरओ व एआरओ की बैठक में राज्य निर्वाचन आयोग ने दिए कई अहम निर्देश
इधर शुक्रवार को राज्य निर्वाचन आयोग ने निर्वाची पदाधिकारियों [आरओ] तथा सहायक निर्वाची पदाधिकारियों [एआरओ] से राज्य में पूरी तरह स्वच्छ, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण निकाय चुनाव कराने की अपेक्षा जताई है. राज्य निर्वाचन आयुक्त अलका तिवारी ने कहा कि नगर निकाय चुनाव में दोनों पदाधिकारियों की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका होगी. चुनाव के दौरान किसी तरह की गड़बड़ी और विवाद न हो. इसलिए निकाय चुनाव से संबंधित नियमों तथा आयोग के दिशानिर्देशों का सख्ती से अनुपालन जरूरी है. इसके साथ ही रांची के रातू रोड स्थित आयोग के कार्यालय में प्रशिक्षण सह बैठक के दौरान दोनों पदाधिकारियों को अन्य कई निर्देश भी दिये गए.
इस अवसर पर आयोग के सचिव राधेश्याम प्रसाद एवं आयोग के अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित थे. बैठक के दौरान निकाय चुनाव की बारीकियों को बताया गया और नामांकन प्रक्रिया, मतदान तथा मतगणना के दौरान पूरी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए. कहा गया कि इस बार बैलेट पेपर से चुनाव कराया जायेगा. इसलिए मतगणना के दौरान सबसे अधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है. वहीं आयोग के सचिव के अनुसार अब आवश्यकता पड़ने पर अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक हो सकती है.
निर्वाचन पुस्तिका का गहनता से अध्ययन करें निर्वाची पदाधिकारी
उन्होंने निर्वाची एवं सहायक निर्वाची पदाधिकारियों को आयोग द्वारा जारी निर्वाचन पुस्तिका का पूरी गहनता से अध्ययन करने को कहा. क्योंकि उसी के अनुरूप निकाय चुनाव संपन्न कराया जायेगा. उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी बातों से कई बार विवाद बढ़ जाता है. इसलिए नियम संगत चुनाव कराने के लिए उक्त पुस्तिका काफी सहयोगी.
आदर्श आचार संहिता का सख्ती से कराएं अनुपालन
इस अवसर पर राज्य निर्वाचन आयुक्त ने अधिकारियों से कहा कि निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी होते ही आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी. इसे सख्ती से लागू कराने में भी निर्वाची एवं सहायक निर्वाची पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि निर्वाचन के दौरान कोई ऐसा काम नहीं करें. जिससे वे विवाद में आ जाएं. चुनाव के दौरान प्रत्येक दिन आयोग को भेजी जानेवाली रिपोर्ट की भी जानकारी अधिकारियों को दी गई. आयुक्त ने चुनाव के दौरान उम्मीदवारों की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए. साथ ही मीडिया में सामने आनेवाले तथ्यों की जांच कर उचित कार्रवाई करने को कहा.


