
उदित वाणी, चाईबासा : जिले में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है. सोमवार देर रात करीब 10:30 बजे गोईलकेरा प्रखंड क्षेत्र में हाथी के हमले ने पूरे इलाके को दहला दिया. इस दर्दनाक घटना में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की जान चली गई, जिनमें पिता, पुत्र और पुत्री शामिल हैं.
मृतकों की पहचान कुंदरा बाहदां, कोदमा बाहदां और सामू बाहदां के रूप में की गई है. घटना के दौरान परिवार की एक अन्य बच्ची जिंगीं बाहदां गंभीर रूप से घायल हो गई. परिजनों के अनुसार, हाथी के हमले में बच्ची के सिर में गंभीर चोट आई है. प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए राउरकेला, ओडिशा रेफर कर दिया है.
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया. विभाग की ओर से मृतकों के परिजनों को तत्काल मुआवजा स्वरूप 20 हजार रुपये की सहायता राशि दी गई. साथ ही आवश्यक कागजी प्रक्रिया भी पूरी की गई.
स्थानीय लोगों के अनुसार, हाथियों के हमले से अब तक इस क्षेत्र में कुल 13 लोगों की मौत हो चुकी है. इनमें से 6 मौतें केवल गोईलकेरा प्रखंड में हुई हैं. लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों में भय और दहशत का माहौल बना हुआ है. लोग रात के समय घरों से बाहर निकलने में असुरक्षित महसूस कर रहे हैं.
ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार सूचना और शिकायत के बावजूद हाथियों की आवाजाही पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो पा रहा है. ऐसे में वन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. ग्रामीणों ने प्रशासन से हाथी प्रभावित क्षेत्रों में ठोस और स्थायी समाधान की मांग की है.

