
उदित वाणी, जमशेदपुर : टाटानगर रेलवे स्टेशन का बहुप्रतीक्षित इंटीग्रेटेड रीडेवलेपमेंट कार्य शनिवार से विधिवत रूप से आरंभ हो गया. दक्षिण पूर्व रेलवे जोन के महाप्रबंधक (जीएम) अनिल कुमार मिश्रा, सांसद विद्युतवरण महतो और चक्रधरपुर रेल मंडल के डीआरएम तरुण हुरिया ने संयुक्त रूप से भूमि पूजन कर कार्य का शुभारंभ किया. कुल 284 करोड़ रुपये की लागत से होने वाला यह कार्य 36 महीनों में पूरा किया जाएगा.
भूमिपूजन के बाद दक्षिण पूर्व रेलवे जोन के जीएम अनिल कुमार मिश्रा ने कहा कि टाटानगर स्टेशन का विकास आगामी 50 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जा रहा है. परियोजना के तहत स्टेशन पर चार नए प्लेटफॉर्म बनाए जाएंगे, जिससे प्लेटफॉर्म की संख्या पांच से बढ़कर नौ हो जाएगी. यात्रियों की सुविधा के लिए स्टेशन पर कुल 16 लिफ्ट और 14 एस्केलेटर लगाए जाएंगे. साथ ही, स्टेशन का सर्कुलेटिंग एरिया 8 हजार वर्गमीटर से बढ़ाकर 35 हजार वर्गमीटर और पार्किंग क्षेत्र 8 हजार से बढ़ाकर 41 हजार वर्गमीटर किया जा रहा है.

रीडेवलेपमेंट के तहत टाटानगर स्टेशन में जी प्लस सिक्स ऊंचाई का मुख्य प्रवेश भवन और जी प्लस थ्री ऊंचाई का सेकेंड एंट्री गेट भवन बनाया जाएगा. इनमें कमर्शियल कॉम्प्लेक्स, गेमिंग जोन, मल्टीप्लेक्स और शॉपिंग एरिया जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी. यह स्टेशन पूरी तरह अत्याधुनिक और यात्री-केंद्रित रूप में विकसित होगा.
सांसद विद्युतवरण महतो ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि रीडेवलेपमेंट के बाद टाटानगर स्टेशन ‘ए’ से बढ़कर ‘ए प्लस’ कैटेगरी का स्टेशन बन जाएगा. यह स्टेशन न सिर्फ सुंदर और आधुनिक होगा, बल्कि यहां से ट्रेनों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी. उन्होंने कहा कि स्टेशन से आगे हैगिंग रोड ओवर ब्रिज के निर्माण की दिशा में वे रेल मंत्री और रेलवे बोर्ड से बात करेंगे. साथ ही, बारीगोड़ा और गोविंदपुर रोड ओवर ब्रिज के निर्माण में राज्य सरकार और रेलवे के संयुक्त प्रयास की जरूरत बताई.
महतो ने कहा कि थर्ड और फोर्थ लाइन बनने से ट्रेनों की लेटलतीफी की समस्या समाप्त होगी. उन्होंने सुझाव दिया कि गोविंदपुर स्टेशन को आदित्यपुर की तरह और कुदादा स्टेशन को बादामपहाड़ लाइन में विकसित किया जाए, ताकि भविष्य में टाटानगर के बढ़ते रेल यातायात को संभालने में ये सैटेलाइट स्टेशन की भूमिका निभा सकें.
इस प्रकार, आने वाले तीन वर्षों में टाटानगर रेलवे स्टेशन का स्वरूप पूरी तरह बदल जाएगा — जहां यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाओं के साथ आधुनिक भारत के एक मॉडल रेलवे स्टेशन का अनुभव होगा.

