
उदित वाणी, जमशेदपुर : टाटा स्टील का इंडस्ट्रियल बाय- प्रोडक्ट मैनेजमेंट डिवीजन (आईबीएमडी) एक प्रॉफिट सेंटर के रूप में कार्य करता है, जो रॉ मटेरियल से लेकर तैयार उत्पादों तक विभिन्न प्रकार के बाय-प्रोडक्ट्स और स्क्रैप का प्रबंधन करता है. यह कोल टार, कोल वॉशरी उत्पाद, एल्युमिनियम, कॉपर, आयरन ऑक्साइड आदि जैसे महत्वपूर्ण इंडस्ट्रियल बाय-प्रोडक्ट्स की आपूर्ति करता है.‘रिकवर, री-यूज़ और री-सायकल’ (थ्रीआर) सिद्धांत पर कार्य करते हुए, आईबीएमडी, टाटा स्टील की हरित यात्रा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है. वेस्ट बोकारो स्थित आईबीएमडी सुरक्षा और कार्यकुशलता के क्षेत्र में नए मानक स्थापित कर रहा है.
यह सिर्फ सामग्री के आवागमन का केंद्र नहीं, बल्कि सुरक्षित कार्य संस्कृति का प्रेरक उदाहरण है. अत्याधुनिक तकनीक और मजबूत अवसंरचना के माध्यम से आईबीएमडी यह सुनिश्चित करता है कि उसके कर्मचारी और साझेदार सभी सुरक्षित रहें और हर प्रक्रिया शून्य दुर्घटना के लक्ष्य के साथ आगे बढ़े. इस प्रतिबद्धता का एक प्रमुख हिस्सा है आधुनिक ट्रांसपोर्ट पार्क. लगभग 3.5 हेक्टेयर (8.6 एकड़) क्षेत्र में फैला यह पार्क पूरी तरह पक्का बनाया गया है और इसमें लगभग 85 ट्रकों के लिए सुव्यवस्थित और सुरक्षित पार्किंग की सुविधा है.

कंपोजिट फुट ओवर ब्रिज
सुरक्षा की दृष्टि से इसका सबसे महत्वपूर्ण पहलू है 100 मीटर लंबा फाइबर रिइनफोर्स्ड पॉलिमर कंपोज़िट फुट-ओवर ब्रिज, जो कर्मचारियों को ट्रकों के रास्ते को पार किए बिना सुरक्षित रूप से ऑफिस तक पहुंचने में मदद करता है. डिजिटल टूल्स, आईबीएमडी की सुरक्षा योजना का मुख्य आधार हैं. ट्रांसपोर्ट पार्क मैनेजमेंट सिस्टम, टाटा स्टील के व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम से जुड़ा हुआ है.
इस प्रणाली के तहत परिसर में प्रवेश करने वाले प्रत्येक वाहन को एक ‘स्मार्ट कार्ड’ दिया जाता है. यह प्रणाली वाहनों की जानकारी को सुरक्षित रूप से दर्ज करती है और रीयल- टाइम ट्रैकिंग के माध्यम से संचालन को अधिक सुरक्षित बनाती है. इसके अलावा हर ट्रक को प्रवेश की अनुमति मिलने से पहले विस्तृत सुरक्षा जांच से गुजरना अनिवार्य है.
मानवरहित सिस्टम
तकनीक का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करते हुए आईबीएमडी में सभी वेब्रिज पूरी तरह ऑटोमेटेड बनाए गए हैं, जिन्हें प्रशिक्षित कर्मी सेंट्रल कंट्रोल रूम से मॉनिटर करते हैं. यह उन्नत “मानवरहित सिस्टम” ट्रकों के वज़न मापन और घोषणाओं की प्रक्रिया को बिना मानवीय हस्तक्षेप के संचालित करता है, जिससे न केवल संचालन की गति और सटीकता बढ़ती है, बल्कि सुरक्षा के स्तर में भी उल्लेखनीय सुधार होता है.
हाई डेफिनेशन कैमरे
आईबीएमडी की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए 74 हाई- डेफिनिशन कैमरों का एक मजबूत नेटवर्क स्थापित किया गया है. ये कैमरे पूरे परिसर में लगाए गए हैं और सेंट्रल कमांड सेंटर को लाइव वीडियो फीड भेजते हैं. परिसर के भीतर यातायात को नियंत्रित करने के लिए सभी प्रवेश और निकास पॉइंट्स पर ड्रॉप गेट्स और ट्रैफिक लाइट्स लगाई गई हैं.
विशेष रूप से मुख्य प्रवेश द्वारों पर लगे अल्कोहल सेंसर युक्त ड्रॉप गेट्स यह सुनिश्चित करते हैं कि परिसर में केवल सतर्क और जिम्मेदार चालक ही प्रवेश कर सकें.सिर्फ भवनों और इक्विपमेंट तक सीमित न रहकर आईबीएमडी लगातार कार्य प्रणालियों में सुधार कर रहा है. मेटल स्क्रैप को अधिक सुरक्षित तरीके से हैंडल करने के लिए उन्होंने ग्रैबर इक्विपमेंट का इस्तेमाल शुरू किया है.
जीरो हार्म लक्ष्य
टाटा स्टील के “जीरो हार्म” लक्ष्य के तहत आईबीएमडी में काम करने वाले सभी ड्राइवरों को विस्तृत सुरक्षा प्रशिक्षण से गुजरना अनिवार्य है. उन्हें हेवी मोटर व्हीकल सिमुलेटर के माध्यम से उन्नत प्रशिक्षण भी दिया जाता है. यह प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले ड्राइवरों को लोडिंग ऑपरेशन का प्रमाणपत्र मिलता है, जो आईबीएमडी की सुरक्षित और कुशल कर्मचारियों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है. आईबीएमडी, पर्यावरण संरक्षण में भी सक्रिय योगदान दे रहा है. धूल नियंत्रण के लिए उनके पास व्हील- वॉश स्टेशन्स हैं. ट्रकों में अप्रूव्ड डस्ट सील केमिकल का उपयोग होता है, जो तारपोलिन का हरित विकल्प है और धूल को कम करने में मदद करता है.
इसके अलावा स्वचालित जल छिड़काव प्रणाली, जिसे सेंट्रल कमांड सेंटर से नियंत्रित किया जाता है, चौबीसों घंटे धूल को दबाने का काम करती है. टाटा स्टील के आईबीएमडी के लिए, सुरक्षा सिर्फ एक लक्ष्य नहीं, बल्कि सुधार की निरंतर यात्रा है. यह कंपनी की नवाचार और सुधार की मजबूत प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिससे न केवल उसके कर्मचारी और साझेदार बल्कि पूरे समुदाय की भलाई और सुरक्षा सुनिश्चित होती है.

