
उदित वाणी, जमशेदपुर : टाटा स्टील के प्रबंधन और यूनियन की सर्वोच्च कमेटी एपेक्स जेसीसीएम की बैठक शुक्रवार को हुई, जिसमें एमडी ने टाटा स्टील के भविष्य पर चर्चा की. इसमें प्रबंधन के साथ ही विभिन्न यूनियनों के पदाधिकारी मौजूद थे. बैठक में बताया गया कि इस साल जमशेदपुर में हुई जोरदार बरसात में टाटा स्टील के लगभग छह हजार पुराने क्वार्टरों की स्थिति जर्जर हो गई है. क्वार्टरों के सीपेज व उसकी स्थिति से कर्मचारी सहम गए हैं.
जमशेदपुर प्लांट में सेफ्टी को लेकर हो रहे काम को प्रबंधन ने सराहा और दूसरे लोकेशन पर उसे अपनाने की बात कही गई. मीटिंग में कलिंगानगर में कर्मचारियों के लिए जमशेदपुर की तरह क्वार्टर बनाने की मांग उठी, जिसपर प्रबंधन की ओर से कहा गया कि इस दिशा में काम चल रहा है और जल्द ही इस समस्या का समाधान होगा. हालांकि इस दौरान अधिकारियों द्वारा क्वार्टर का उपयोग कम करने का मुद्दा भी उठाया गया. प्रबंधन की ओर से कहा गया कि अधिकतर क्वार्टर कर्मचारियों के लिए ही बना है और आगे भी बनेगा.
मीटिंग में यह भी निर्णय लिया गया कि एपेक्स जेसीसीएम का गठन एक साल पहले हुआ था पर और पहली मीटिंग आज हो रही है. जबकि कमेटी की मीटिंग हर छह महीने में अनिवार्य रुप से होनी है. इसलिए कमेटी की अगली मीटिंग अगले दो महीने में होगी. फिर हर छह महीने में कमेटी की मीटिंग होगी जिसमें उन सभी मुद्दों पर विचार किया जाएगा, जो जेसीसीएम के दायरे में नहीं आता है. मीटिंग के दौरान कलिंगानगर पर विशेष फोकस रहा है. वहीं, झरिया डिवीजन के अस्तित्व पर खतरा दिखा. क्योंकि यहां अब 95 प्रतिशत कोयला बाहर से आता है. इसी तरह नोवामुंडी समेत अन्य माइंस की स्थिति भी बेहतर नहीं बताई गई.
मुंबई में हुई बैठक
पहली बार शुक्रवार को मुंबई में हुई इस मीटिंग मीटिंग में शामिल होने के लिए टाटा वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी, महामंत्री सतीश कुमार सिंह, प्रदेश इंटक अध्यक्ष सह टाटा ग्रुप के कई कंपनियों के यूनियन अध्यक्ष राकेश्वर पांडेय, बीके डिंडा समेत अन्य यूनियनों के नेता शामिल हुए. इंटक के प्रदेश अध्यक्ष सह टीजीएस यूनियन के अध्यक्ष राकेश्वर पांडेय ने प्रबंधन द्वारा टीजीएस की स्थिति सुधारने में मदद की सराहना की. साथ ही और मदद की मांग की ताकि कंपनी को और बेहतर स्थिति में पहुंचाया जा सके. इस दौरान टाटा वर्कर्स यूनियन के डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह समेत चार कर्मचारियों को लांग सर्विस अवार्ड दिया गया. शैलेश सिंह के बीमार होने के कारण मीटिंग में अनुपस्थित रहने के कारण उन्हें यह अवार्ड अगली मीटिंग में मिलेगा. लांग सर्विस अवार्ड पाने वालों में डिप्टी प्रेसिडेंट शैलेश सिंह (30 वर्ष), मुकेश प्रसाद (30 वर्ष), संजय कुमार दास (35 वर्ष) और इंद्रजीत बोस (35 वर्ष) शामिल हैं.
