उदित वाणी, जमशेदपुर : टाटा कमिंस के जमशेदपुर प्लांट में सेक्सुअल हैरासमेंट की एक गंभीर घटना सामने आई है. कंपनी के कर्मचारी समरेश पर ट्रेनिंग के लिए आई लड़कियों को सेक्सुअल हैरासमेंट करने का आरोप साबित होने के बाद प्रबंधन ने उन्हें सोमवार को नौकरी से डिस्चार्ज कर दिया. मामला करीब सात महीने पुराना है. प्रभावित लड़कियों ने कंपनी प्रबंधन के पास लिखित शिकायत दर्ज कराई थी.
प्रबंधन ने तुरंत आंतरिक जांच शुरू की, जिसमें आरोप सही पाए गए. इसके बाद कंपनी ने समरेश को डिस्चार्ज लेटर सौंप दिया. टाटा कमिंस प्रबंधन ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया और शिकायतकर्ताओं की सुरक्षा व गोपनीयता बनाए रखते हुए कार्रवाई की. कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि टाटा कमिंस कार्यस्थल पर किसी भी प्रकार के यौनिक उत्पीड़न को बर्दाश्त नहीं करता.
टाटा कमिंस में सेक्सुअल हैरासमेंट पर कोड ऑफ कंडक्ट
टाटा कमिंस (टाटा मोटर्स और कमिंस इंक का संयुक्त उद्यम) Tata Code of Conduct और POSH (Prevention of Sexual Harassment of Women at Workplace) Act, 2013 का सख्ती से पालन करता है. कंपनी की नीति शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance) की है. टाटा समूह की सभी कंपनियों में POSH नीति स्पष्ट रूप से कहती है कि यौनिक उत्पीड़न न केवल नैतिकता का उल्लंघन है, बल्कि कानूनी अपराध भी है. टाटा कमिंस इस मामले में त्वरित और सख्त कार्रवाई करके अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है.
मुख्य प्रावधान
1. कार्यस्थल पर यौनिक टिप्पणियां, अनचाही शारीरिक निकटता, अश्लील संदेश, इशारे या किसी भी प्रकार का यौनिक आचरण पूरी तरह निषिद्ध है.
2. ट्रेनिंग, इंटर्नशिप या विजिटिंग स्टाफ सहित सभी महिलाओं को सुरक्षा प्रदान की जाती है.
3. इन्टर्नल क्म्प्लेन कमेटी तुरंत शिकायतों की निष्पक्ष जांच करती है.
4. जांच में दोषी पाए जाने पर तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई, जिसमें निलंबन, पदावनति या नौकरी से बर्खास्तगी शामिल है.
5. शिकायतकर्ता के खिलाफ कोई प्रतिशोध बर्दाश्त नहीं किया जाता.
6. सभी कर्मचारियों को नियमित POSH ट्रेनिंग दी जाती है.

