उदित वाणी, जमशेदपुर : केन्द्रीय ट्रेड यूनियन के आह्वान पर मंगलवार को चार श्रम कोडों के विरुद्ध विरोध प्रदर्शन हुआ. शाम 5 बजे बिरसा चौक साकची जमशेदपुर में विरोध के रूप में ‘आक्रोश दिवस’ आयोजित किया गया. ट्रेड यूनियनों के अनुसार, ये नए कोड न्यूनतम वेतन, सामाजिक सुरक्षा और निश्चित कार्य घंटों जैसे वैधानिक अधिकारों को खत्म कर कॉरपोरेट हितों को प्राथमिकता देते हैं.
यह न केवल यूनियन बनाने और सामूहिक सौदेबाजी के अधिकार को छीनता है, बल्कि मौजूदा कानूनी अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा की कवरेज को हटाकर श्रमिकों पर ‘आधुनिक गुलामी’ थोपने की एक सुनियोजित पहल है.
मंच की ओर से देश के तमाम उत्पादक वर्गों—चाहे वे असंगठित और ठेका कर्मचारी हों, ग्रामीण और खेतिहर मजदूर हों या किसान के चल रहे देशव्यापी संघर्षों के प्रति एकजुटता और समर्थन व्यक्त किया गया. आज के प्रोग्राम की अध्यक्षता गुप्तेश्वर सिंह(सीटू) ने किया. मुख्य वक्ताओं में तिमिर मुखर्जी,पीयूष गुप्ता,संजय कुमार,विनय कुमार तथा विशाल बर्मन ने सभा को संबोधित किया.


