
उदित वाणी, जमशेदपुर : शहर की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती देते हुए साकची थाना क्षेत्र स्थित तीन प्रमुख आभूषण दुकानों में तैनात निजी सुरक्षा गार्ड फर्जी हथियार लाइसेंस के आधार पर ड्यूटी कर रहे थे. गुप्त सूचना के आधार पर साकची पुलिस ने इन दुकानों पर छापेमारी की और वहां तैनात गार्डों से पूछताछ के बाद उनके पास मौजूद डबल बैरल शॉटगन और कारतूस जब्त कर लिए.
पूछताछ में जब गार्ड केवल हथियार लाइसेंस की छायाप्रति दिखा सके और मूल दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाए, तो पुलिस ने उन्हें 10 दिनों का समय दिया. तय समय सीमा समाप्त होने के बाद भी वे दस्तावेज नहीं दे सके. इसके बाद पुलिस ने इन दस्तावेजों की वैधता की जांच के लिए उपायुक्त कार्यालय भेजा, लेकिन अब तक कोई आधिकारिक रिपोर्ट नहीं मिल सकी है.
पुलिस को संदेह है कि न सिर्फ लाइसेंस फर्जी हैं, बल्कि गार्डों के पास मौजूद हथियार भी अवैध रूप से प्राप्त किए गए हैं. इस मामले में साकची थाना में पदस्थापित सहायक अवर निरीक्षक अभिनव कुमार के बयान पर तीनों गार्डों के खिलाफ गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है.
पुलिस द्वारा जिन गार्डों को आरोपी बनाया गया है, उनमें बिहार के कृष्णागढ़ निवासी लक्ष्मीकांत पाण्डेय (40 वर्ष), मानगो जवाहरनगर निवासी रामजी प्रधान (47 वर्ष), और मानगो जवाहरनगर रोड नंबर 4 निवासी विनय कुमार राय (51 वर्ष) शामिल हैं.
साकची थाना प्रभारी आनंद मिश्रा ने बताया कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है. यदि जरूरत पड़ी तो हथियार की खरीद, लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया और इसमें संलिप्त निजी सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका की भी गहन जांच की जाएगी. पुलिस ने स्पष्ट किया है कि फर्जी हथियार लाइसेंस जैसे मामलों में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाएगी.

