
उदित वाणी, आदित्यपुर : राष्ट्रीय कौशल प्रशिक्षण संस्थान (एनएसटीआई), जमशेदपुर और एनआईटी जमशेदपुर के बीच सोमवार को एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई. इसमें दोनों संस्थानों ने मिलकर उभरते उद्योगों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कौशल विकास पाठ्यक्रमों को संयुक्त रूप से डिज़ाइन और प्रमाणित करने का निर्णय लिया.
उद्योगों से जुड़कर होगा पाठ्यक्रम डिज़ाइन
बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि इन पाठ्यक्रमों को उद्योगों की भागीदारी के साथ तैयार किया जाएगा. इंटर्नशिप और प्लेसमेंट जैसे अहम घटकों में भी उद्योग की भूमिका सुनिश्चित की जाएगी, ताकि पाठ्यक्रम व्यावहारिक और वित्तीय रूप से टिकाऊ बन सकें.
इसके साथ ही युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने और उनके कौशल को उन्नत करने की दिशा में संयुक्त प्रयासों पर बल दिया गया.
रोबोटिक्स सेंटर और स्थायी मॉडल की दिशा में योजना
बैठक में एनएसटीआई द्वारा ऑटो क्लस्टर क्षेत्र में अत्याधुनिक रोबोटिक्स केंद्र स्थापित करने की योजना भी साझा की गई. साथ ही एक टिकाऊ कौशल विकास केंद्र मॉडल को विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया, जो समय के साथ और भी अधिक प्रभावी साबित हो सकेगा.
15 जुलाई को होगा एमओयू
वर्ल्ड स्किल्स डे के अवसर पर आगामी 15 जुलाई को भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के प्रशिक्षण महानिदेशालय की उपस्थिति में एनआईटी जमशेदपुर और एनएसटीआई जमशेदपुर के बीच एक औपचारिक एमओयू नई दिल्ली स्थित कौशल भवन में हस्ताक्षरित किया जाएगा.
बैठक में मौजूद रहे ये अधिकारी
इस बैठक की अध्यक्षता एनआईटी जमशेदपुर के निदेशक प्रो. गौतम सूत्रधर, रजिस्ट्रार डॉ. (कर्नल) एन. के. राय और आरडीएसडीई झारखंड के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. विनोद कुमार दूबे ने संयुक्त रूप से की.
मौके पर एनआईटी के प्रो. अमरेश कुमार, प्रो. सतीश कुमार, डॉ. एम. ए. हसन, डॉ. रामकृष्ण, आरडीएसडीई के सहायक शशिभूषण कुमार और एनएसटीआई जमशेदपुर के प्रभारी गोपाल भी उपस्थित थे.
जानिए क्या करता है एनएसटीआई
गौरतलब है कि आदित्यपुर स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक परिसर में संचालित एनएसटीआई, जमशेदपुर भारत सरकार के प्रशिक्षण महानिदेशालय के तहत एक प्रमुख संस्थान है. यह वर्ष 1982 से विभिन्न सरकारी और निजी संस्थानों के फोरमैन व सुपरवाइजरों की कार्यकुशलता और तकनीकी ज्ञान को उन्नत करने का कार्य कर रहा है.
यह संस्थान आईटीआई पास युवाओं को एक वर्षीय सीआईटीएस पाठ्यक्रम के तहत ‘फीटर ट्रेड’ में प्रशिक्षण प्रदान करता है, जिससे वे रोजगारोन्मुखी बन सकें. परिणामस्वरूप, इन प्रशिक्षणार्थियों को बेहतर अवसर भी प्राप्त हो रहे हैं.

