
# सभी आरोपियों के खिलाफ उपद्रव करने, दंगा भड़काने, सरकार के निर्देशों का उल्लंघन करने, सरकारी कार्य में बाधा डालने, अपराध के लिए उकसाने व दूसरे व्यक्ति को नुकसान पहुंचाने से संबंधित आईपीसी की धारा-147, 148, 188, 353, 332, 109, व 427 के तहत मामला दर्ज
उदित वाणी, रांची: प्रदेश भाजपा द्वारा मंगलवार को आयोजित सचिवालय घेराव कार्यक्रम के दौरान हुए उपद्रव व पत्थरबाजी की घटना को लेकर डयूटी में तैनात रांची के सदर कार्यपालक दंडाधिकारी उपेन्द्र कुमार के आवेदन पर धुर्वा थाना में गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करायी गई.
राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री सह भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवर दास, केन्द्रीय मंत्री सह पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा व पार्टी विधायक दल के नेता सह पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी व चार सांसद समेत कुल 41 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी के अलावा प्राथमिकी में एक हजार से अधिक अज्ञात भाजपा कार्यकर्ताओं को आरोपी बनाया गया है.
जमशेदपुर के प्रदीप मुखर्जी व गुंजन यादव पर भी नामजद प्राथमिकी दर्ज करायी गई है. सभी आरोपियों के खिलाफ उपद्रव करने, दंगा भड़काने, सरकार के निर्देशों का उल्लंघन करने, सरकारी कार्य में बाधा डालने, अपराध के लिए उकसाने व दूसरे व्यक्ति को नुकसान पहुंचाने से संबंधित आईपीसी की धारा-147, 148, 188, 353, 332, 109, व 427 के तहत मामला दर्ज किया गया है.
रांची के कार्यपालक दंडाधिकारी सदर उपेंद्र कुमार ने धुर्वा थाना में आवेदन देकर बताया कि प्रदर्शनकारियों ने उपद्रवियों की तरह किया व्यवहार धुर्वा थाना में दिए गए आवेदन में कहा गया है कि 11 अप्रैल को भाजपा का सचिवालय घेराव कार्यक्रम घोषित था. जिसे लेकर रांची के डीसी व एसएसपी ने संयुक्त रूप से दंडाधिकारी अधिकारी व सुरक्षा बलों की तैनाती संबंधित आदेश जारी किया था.
विधि व्यवस्था बनाये रखने के लिए धुर्वा गोलचक्कर से चांदनी चौक हटिया तक 11 अप्रैल की सुबह आठ बजे से रात के 11.30 बजे तक धारा 144 लगाया गया था.
रांची के कार्यपालक दंडाधिकारी सदर उपेंद्र कुमार द्वारा अपने आवेदन में बताया गया है कि धुर्वा गोल चक्कर के पास दोपहर करीब डेढ़ बजे भारतीय जनता पार्टी के लगभग 5000 से ज्यादा कार्यकर्ताओं व समर्थकों ने धारा-144 का उल्लंघन किया. भाजपा के लोग सरकार के विरोध में नारेबाजी करते हुए प्रभात तारा मैदान से धुर्वा गोल चक्कर की ओर पैदल चलकर पहुंचे और गोल चक्कर के मुख्य बैरियर पर पहुंचकर सरकार विरोधी नारे लगाने लगे.
इस दौरान उन्होंने बैरिकेडिंग को गिराने का प्रयास किया. वरीय अधिकारियों द्वारा माइक पर अनाउंस करके भाजपा कार्यकर्ताओं को धारा 144 के बारे में बताया भी गया. लेकिन इस दौरान भाजपा कार्यकर्ता बैरिकेडिंग को उखाड़ने और हटाने का प्रयास करने लगे और उपद्रवियों की तरह व्यवहार करते हुए ड्यूटी पर तैनात पुलिस एवं दंडाधिकारी को निशाना बनाते हुए बोतल फेंकना एवं पत्थरबाजी करना शुरू कर दिया.
पुलिस अधिकारियों एवं मौजूद पुलिस बल द्वारा उपद्रवियों को रोकने का हर संभव प्रयास किए जाने के बावजूद भी भाजपा कार्यकर्ताओं ने घेराबंदी को तोड़ने का प्रयास करते रहे.
इसी क्रम में अपराहन लगभग दो बजे भाजपा कार्यकर्ता पत्थरबाजी करने लगे तब उन पर पानी की बौछार की गई. इस दौरान भारतीय जनता पार्टी के नेताओं द्वारा भीड़ को उकसाने का प्रयास भी किया जाता रहा. उग्र भीड़ को तितर-बितर करने के उद्देश्य से पुलिस ने आंसू गैस और बल का प्रयोग किया.
भाजपा कार्यकर्ताओं और नेताओं द्वारा जिस तरह उपद्रव किया गया, उसका वीडियो फुटेज भी प्रशासन के पास मौजूद है. ऐसे में सभी नामजद के साथ-साथ अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करके आगे की कार्रवाई की जाए.
इन्हें बनाया गया नामजद आरोपी
पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, बाबूलाल मरांडी व अर्जुन मुण्डा, सांसद सुनील कुमार सिंह, समीर उरांव, निशिकांत दूबे व संजय सेठ, विधायक अमित मंडल, विरंची नारायण, श्यामनंदन ओझा, आरती कुजूर, अमित कुमार, प्रदीप मुखर्जी, विकास कुमार पाण्डेय, शत्रुघ्न सिंह, दिलीप कुमार सिंह, अनीता सोरेन, कुमकुम देवी, मुनचुन राय, कामेश्वर सिंह, उमेश यादव, अमित भैया उर्फ अमित कुमार, बिरेंद्र यादव, कमलेश राम, ललित ओझा, श्रीमती नीलम चौधरी, के के गुप्ता, साघु मांझी, कुलवंत सिंह बिंटी, विमल मरांडी, अशोक कुमार, आनंद यादव, रमेश सिंह, त्रिलोचन कुमार पासवान, रमेश नाथ तिवारी, संजु पाण्डेय, संजीव कुमार सिंह, अमर नाथ कुमार सिंह, ब्रजकांत केसरी, दीपक बडाईक व गुंजन यादव.

