
उदित वाणी, रांची: लगभग 6 बर्षों से राज्य में शिक्षक पात्रता परीक्षा [जेटेट] परीक्षा नहीं कराने के मामले को लेकर झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई.
याचिका के माध्यम से राज्य सरकार पर नेशनल कौंसिल फॉर टीचर एजुकेशन [एनसीटीई] के नियमों व गाइडलाइन का पालन नहीं करने का आरोप लगाया गया है. याचिका में कहा गया है कि राज्य में लगभग छह बर्षों से जेटेट आयोजित नहीं किया गया है और राज्य सरकार द्वारा 50 हजार शिक्षकों की बहाली प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी गई है.
इसको लेकर सभी जिलों के मुख्यालय से आरक्षण रोस्टर मंगाया गया है. जबकि जेटेट उत्तीर्ण होने के बाद ही पहली कक्षा से लेकर आठवीं कक्षा तक के लिए शिक्षक नियुक्त करने का प्रावधान है.
शिक्षक नियुक्ति मामले में इसे एक योग्यता के रूप में निर्धारित किया गया है तथा सरकार द्वारा भी कहा गया है कि जेटेट उत्तीर्ण व्यक्ति ही शिक्षक बन सकते हैं. याचिकाकर्ता ने कहा कि छह बर्षों से जेटेट नहीं होने की वजह से कई योग्य छात्र शिक्षक नहीं बन पायेंगे.

