
उदित वाणी, जमशेदपुर: स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग के सचिव के. रवि कुमार ने मंगलवार को शहर के दो सरकारी स्कूलों का औचक निरीक्षण किया. उन्होंने गोलमुरी स्थित माइकल जॉन उच्च विद्यालय और साकची स्थित काशीडीह मीडिल स्कूल का निरीक्षण किया.
दोनों स्कूलों के निरीक्षण में सबसे पहले उन्होंने उपस्थिति पंजी की जांच की. यहां सचिव स्कूल में विद्यार्थियों की कम उपस्थिति से असंतुष्ट दिखे. उन्होंने स्कूलों में विद्यार्थियों की उपस्थिति को शत प्रतिशत करने का निर्देश दिया.
निरीक्षण के बाद झारखंड के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव के रवि ने कहा कि अभी भी उम्मीद के अनुसार शैक्षणिक व्यवस्था यहां ठीक नहीं है. सरकारी स्कूलों में बहुत सुधार की आवश्यकता है. बच्चों को होमवर्क भी नहीं दिया जा रहा है.
शिक्षक भी लेशन प्लान नहीं तैयार कर पा रहे हैं. शिक्षा सचिव के रवि मंगलवार को जमशेदपुर दौरे पर आये थे. उक्त बातें उन्होंने पत्रकारों से बातचीत के क्रम में कही. उन्होंने कहा कि शिक्षक को संवेदनशील होकर काम करना पड़ेगा. सरकारी स्कूलों में गरीब बच्चे पढ़ते हैं फिर भी उन्हें एमडीएम में अंडा तक नहीं दिया जा रहा. सिलेबस के अनुरूप पढ़ाई भी नहीं हो पा रही है.
उन्होंने कहा कि जब शहरी क्षेत्र के स्कूलों का यह आलम है तो अन्य स्कूलों का क्या होगा यह सोचकर ही डर लग रहा है. उन्होंने जिला शिक्षा पदाधिकारी को इस पर तत्काल आवश्यक सुधार करने का निर्देश दिया. इससे पूर्व यहां उन्होंने गोलमुरी स्थित माइकल जॉन उच्च विद्यालय और साकची स्थित काशीडीह मीडिल स्कूल का औचक निरीक्षण किया.
सचिव के रवि ने दोनों ही विद्यालयों में बच्चों के साथ सीधा संवाद किया. बच्चों का टेस्ट लिया. गणित के टेस्ट में 1 बच्ची के अलावा किसी भी विद्यार्थी को 30 अंक से ज्यादा नंबर प्राप्त नहीं हुए. बच्चों से खेलकूद की गतिविधियों के बारे में भी उन्होंने जानकारी ली. इस दौरान बच्चों से कई खेल का आयोजन स्कूलों में न होने की बात भी सामने आई.
शिक्षा सचिव के. रवि कुमार ने निरीक्षण के बाद कहा कि स्कूलों में शिक्षा के स्तर को सुधारने व व्यवस्था बेहतर करने के लिए सचिव स्तर से लेकर प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी स्तर तक जिम्मेदारी तय की जा रही है.
सभी को स्कूलों का भौतिक निरीक्षण कर हर माह रिपोर्ट जमा करनी होगी. उपस्थिति से लेकर पंजी अपडेट करने तक की पूरी प्रक्रिया को हर माह अलग-अलग स्कूलों में औचक निरीक्षण कर जांचा जाएगा. इसमें कमी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी.
ड्रॉप आउट विद्यार्थियों का लिया अपडेट
निरीक्षण के क्रम में शिक्षा सचिव ने शिक्षकों से ड्रॉपआउट व उपस्थिति कम होने का कारण पूछा. शिक्षकों से पूछा कि क्या वे विद्यार्थियों के लगातार कई हफ्ते-महीने तक अनुपस्थित होने पर समय समय पर जानकारी लेते हैं.
निर्देश दिया कि शिक्षा विभाग जीरो ड्रॉप आउट के लक्ष्य पर काम कर रहा है और अगर कोई विद्यार्थी लगातार स्कूल नहीं आ रहा है तो संबंधित स्कूल के शिक्षकों को उसे घर जाकर स्कूल लाने के लिए प्रोत्साहित करना है.
इसके बाद शिक्षा सचिव स्वयं माइकल जॉन स्कूल से सीधे एक ऐसी एक छात्रा के घर खुद खोजते हुए गए, जो कई महीनों से स्कूल नहीं आ रही थी. स्कूल में दर्ज पते पर शिक्षा सचिव खुद गोलमुरी स्थित छात्रा के घर गए, लेकिन उस पते पर छात्रा और उसका परिवार नहीं मिला.
शिक्षा सचिव को बताया गया कि छात्रा किसी कारण से अब चाईबासा में रह रही है. शिक्षा सचिव ने खुद छात्रा के घर पहुंचकर जमशेदपुर के जिला शिक्षा विभाग और स्कूलों के शिक्षकों को यह संदेश दिया कि शिक्षा विभाग जीरो ड्रॅपआउट और स्कूल में शत-प्रतिशत उपस्थिति को लेकर कितना गंभीर है.
इससे पहले स्कूल के निरीक्षण के क्रम में के. रवि कुमार ने दोनों स्कूलों में शौचालय की हालत देखी और इनकी स्थिति को और बेहतर करने का निर्देश दिया.
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